अंतरराष्ट्रीय कारोबारी दुनिया में इस समय अनिश्चितता का माहौल है। भारतीय शेयर बाजारों के लिए माहौल उनके पक्ष में नहीं दिख रहा है। शुक्रवार को भी बाजार खुलते ही बीएसई के तीस शेयरों वाले सेंसेक्स और एनएसई के पचास शेयरों वाले निफ्टी इंडेक्स में भारी गिरावट देखने को मिली। लगभग सभी सेक्टरों के शेयर लाल निशान पर रहे लेकिन जिनमें भारी गिरावट देखी गई उनमें आईटी, ऑटो, मीडिया और टेलीकॉम सेक्टर शामिल हैं। इन सभी सेक्टरों में दो से तीन फीसदी तक की गिरावट आई। सेंसेक्स में एक समय में 1400 पॉइंट तक की गिरावट आ गई था. हालांकि बीच-बीच में कुछ सुधार भी दिखा. सेंसेक्स साढ़े ग्यारह बजे तक लगभग 1000 पॉइंट यानी 1.28 फीसदी गिरकर 73,660 पर पहुंच गया था और थोड़ी देर बाद ये 1400 अंकों तक टूट गया। उधर इस दौरान निफ्टी 282 प्वाइंट यानी 1.25 फीसदी गिरकर 73660 अंक पर पहुंच गया। बैंकिंग और आईटी सेक्टर के बड़े शेयरों में गिरावट की वजह से बाजार पर दबाव बना. स्मॉल, मिडकैप शेयरों के दाम सबसे ज्यादा गिरे। भारत के शेयर बाजार के लिए फरवरी का महीना खास नहीं रहा है। जानकार इसका संबंध अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रेड वॉर छिड़ने की आशंका से जोड़ रहे हैं। इसके अलावा जो और भी वजह सामने आई है उनमें जीडीपी के आंकड़े आने से पहले घबराहट, टैरिफ के मुद्दे पर ट्रंप का अस्पष्ट रुख, आईटी सेक्टर के शेयरों पर दबाव, डॉलर का चढ़ना और विदेशी संस्थागत निवेश यानी एफआईआई की बिकवाली का जारी रहना शामिल है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि कनाडा और मेक्सिको से आने वाले उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ दो अप्रैल नहीं बल्कि 4 मार्च से प्रभावी हो जाएंगे। ट्रंप ने चीन से आने वाले उत्पादों पर भी 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने की बात कही। ट्रंप के इन बयानों ने दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच ट्रेड वॉर के तेज होने की आशंकाओं को हवा दे दी। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक भी दो फीसदी तक गिरे। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा घाटा इंडस-इंड बैंक को हुआ, जिसके शेयर 4.44 फीसदी तक गिर गए. इसके बाद एमएंडएम और एचसीएल टेक ने सबसे ज्यादा नुकसान झेला। इनके अलावा इन्फोसिस, टीसीएस, भारती एयरटेल, टाटा मोटर्स और टाइटन के शेयर भी लाल निशान पर रहे। बाजार के जानकारों के अनुसार अब तक सभी सेक्टरों के शेयरों में कम से कम 20 से 25 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। इनमें बैंक, आईटी, डिफेंस, ऑटो, पावर, एफएमसीजी, रियलिटी, एनबीएफसी, फर्टिलाइजर, शुगर जैसे सेक्टर हैं। कहा जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ लगाने के ऐलान से बाजार में नकारात्मकता आई और इसका असर शेयरों में गिरावट के तौर पर देखने को मिला। इसके अलावा कंपनियों की पिछली तीन तिमाहियों से कमाई घटती दिख रही है। इसका असर शेयर बाजार पड़ा है। चीन की मेटल और निवेश पॉलिसी का भी अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निगेटिव असर पड़ा है। इसके अलावा रूस-यूक्रेन के मोर्चे पर अनिश्चितता बनी हुई है, इस वजह से कच्चे तेल के दाम को लेकर भी आशंकाएं बरकरार हैं। इस वजह से भारतीय बाजारों में गिरावट देखने को मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से चीन के खिलाफ लगातार टैरिफ के ऐलान ने ग्लोबल शेयर बाजार में आशंका बढ़ा दी है। इस वजह से लोगों ने शेयर बेचने शुरू किए हैं। भारतीय बाजार में कई एसेट क्लास में गिरावट है। जानकारों का कहना है कि शेयर बाजार में अनिश्चतता तबसे बरकरार है, जब से डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए हैं। ट्रंप जो लगातार टैरिफ की घोषणा करते जा रहे हैं, वह बाजार को प्रभावित कर रहा है। चीन पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की। ट्रंप अमेरिका के हित के लिए दूसरे देशों को टैरिफ लगा रहे हैं या बढ़ा रहे हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन राष्ट्रसेवी थे भारत रत्न नानाजी देशमुख- अमित शाहचित्रकूट में नानाजी देशमुख की 15वीं पुण्यतिथि पर हुआ विशेष कार्यक्रम प्रशासनिक अधिकारियों पर गोली चलाने वाले भू माफिया फिर से अवैध कॉलोनी में कर रहे जमीनों का सौदा