अब होगा थानों पर ही साइबर अपराधों पर कार्यवाही ओर जागरूकता अभियान. पुलिस कार्यशाला में साइबर अपराधों के प्रति थाने के स्टॉप को दिए गए प्रशिक्षण. इंदौर। । इंदौर शहर में इन दिनों साइबर से जुड़े हुए अपराधों में काफ़ी वृद्धि हुई, जिसको लेकर पुलिस के द्वारा लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे। आए दिन साइबर अपराधों के नए नए दिनों दिन नए मामले बढ़ाते जा रहे । इसी को देखते हुए इन्दौर पुलिस कमिश्नरेट में थाना स्तर पर ही सायबर अपराधों के खिलाफ़ प्रभावी कार्यवाही के लिए, थानों के पुलिस कर्मियों की दो दिवसीय सायबर प्रशिक्षण का आयोजन किए जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अब थाना स्तर पर ही पीड़ितों को मिल जाए, सायबर अपराधों की शिकायत का समाधान मिल सके इसके लिए प्रत्येक थाने के पुलिस कर्मियों को किया गया प्रशिक्षित. 5 लाख से कम तक के फाइनेंशियल ऑनलाईन फ्रॉड का थाना स्तर पर ही किए जाएंगे समाधान, थानों में मौजूद होंगे सायबर एक्सपर्ट . एडिशनल कमिश्नर अमित सिंह. इस दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के समापन के अवसर पर एडीशनल कमिश्नर अमित सिंह ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि, इस तकनीकी दुनिया में नए-नए प्रकार के अपराधों के खिलाफ़ भी प्रभावी कार्यवाही के लिए हमारी इंदौर पुलिस के ज्यादा से ज्यादा पुलिसकर्मी तकनीकी रूप से दक्ष हो यही, पुलिस कमिश्नर इंदौर का सायबर अपराधों को देखते हुए विजन है। इसी को ध्यान मे रखते हुए आप सभी को ये ट्रेनिंग दी जा रही है, तो आप सभी को यहां जो सिखाया गया है, उसका अपने थानों पर इम्पलीमेंटेशन करें व कोई भी पीड़ित किसी भी प्रकार की सायबर अपराधों की शिकायत लेकर आता है तो उस पर बताई गयी उचित कार्यवाही करें, जरूरत पड़े तो एक्सपर्ट से संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त करें, बस हमारा ये ही ध्येय हो कि पीड़ित को हम त्वरित समाधान दिला सके। https://newsnationalworld.news.blog/2025/01/17/this-is-policing-this-is-the-system-capable-of-doing-not-just-saying/ इंदौर पुलिस के सभी थानों से आरक्षक से उप निरीक्षक स्तर के करीब 80 पुलिस कर्मियों के साथ दो दिवसीय सायबर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में पुलिस कर्मियों को क्राइम ब्रांच के एडीशनल डीसीपी व उनकी टेक्निकल टीम के द्वारा व अनुभवी अधिकारी जो विभिन्न सायबर अपराधों में दिन प्रतिदिन कार्यवाही करते रहते हैं, उनके द्वारा सायबर अपराधों व फ्रॉड के विभिन्न प्रकार की जानकारी देते हुए, फांईनेशियल, ऑनलाईन, सोशल मीडिया आदि के सायबर अपराधों के बारें में प्रशिक्षण प्रदान किए गए। वही जानकारी ने सिखाए कि अगर पीड़ित यदि थानें में आएं तो क्या करें व किस प्रकार उन पीड़ितों की मदद करें, वा उनकी समस्या का निदान जल्द से जल्द हो सके बताते हुए, सायबर क्राइम हो जाने पर पीड़ित के थाने आने पर किस प्रकार उसकी शिकायत जल्द से जल्द 1930 व सायबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर दर्ज करना है, जिससे उसकों त्वरित समाधान दिलाए जा सके। विभिन्न फांईनेशियल फ्रॅाड में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज हो जाएं उसमें उनकी राशि मिलने की संभावना उतनी ज्यादा होती है, इस बात को विशेष तौर पर ध्यान रखने की बात बताई गई। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में पुलिस कर्मियो को आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने व, किस प्रकार अपराधी विभिन्न सायबर क्राइम जैसे- डिजीटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन, फर्जी शेयर ट्रेडिंग, फर्जी लोन ऐप्प, ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाईन गेम/बेटिंग, ई-कामर्स फ्रॉड, सायबर स्टाकिंग, सायबर बुलिंग, सोशल मीडिया हैक आदि कर रहे है, इसका विभिन्न केस स्टडीज की प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रेक्टिकली बताया और इनकी शिकायतों पर किन माध्यमों से क्या कार्यवाही करना है और किन बातों का ध्यान रखना है, इसका भी प्रशिक्षण प्रदान किया। डीसीपी मुख्यालय अंकित सोनी ने बताया कि इस ट्रेनिंग के तहत किस प्रकार से फॉड में क्या और किस प्रकार से कार्यवाही करना है, इसकी एसओपी भी बनावाई जा रही, जो सभी को प्रदाय की जाएंगी। इसके अलावा एक्सपर्ट के साथ प्रशिक्षणार्थियों के ग्रुप भी बनवाए जाएंगें, ताकि इन्हें थानों पर किसी भी प्रकार की समस्या हो तो ये संपर्क कर उसका निदान कर सके। कार्यशाला के समापन पर, दो दिवस की इस ट्रैनिंग में पुलिसकर्मियों को जो सिखाया गया, उसका एक टेस्ट भी लिया गया, और इसे सफलता पूर्वक पूर्ण करने वाले पुलिसकर्मियों को, एडिशनल कमिश्नर व डीसीपी मुख्यालय द्वारा प्रशस्ति पत्र भी प्रदाय किये गए। इन्दौर पुलिस के अधिकारियों/कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सक्षम व दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर जारी रहेगा। INMO इंदौर Mom’s के कार्यक्रम में भी लगी इंदौर पुलिस की कार्यशाला। माँ ही यदि साइबर जागरुक बन जाएं तो, अपने व परिवार के लिए बन सकती है, डिजिटल कॉप अति. पुलिस उपायुक्त क्राइम इंदौर राजेश दंडोतिया ने पुलिस टीम के साथ में पहुंचकर, सायबर अवेयरनेस के तहत INMO इंदौर Mom’s के कार्यक्रम में सायबर पाठशाला लगाकर वहां उपस्थित करीब 100 महिलाओं को वर्तमान समय के साइबर अपराधों के विषय में बताते हुए, पुलिस के पास आने वाली साइबर अपराधों की केस स्टडी के माध्यम से विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड, फाइनेंशियल फ्रॉड तथा सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर, किस प्रकार अपराधी हमें अपना शिकार बनाते हैं आदि के बारे में जानकारी दी। साथ ही साइबर अपराध होने पर हेल्पलाइन-1930, cybercime.gov.in तथा इंदौर पुलिस की साइबर हेल्पलाइन 704912445 आदि पर किस प्रकार शिकायत करें तथा पुलिस इन पर किस प्रकार कार्यवाही करती है और साइबर अपराधों से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें आदि के संबंध में प्रैक्टिकली समझाया। उन्होंने सभी से कहा कि, चूंकि हम सभी आजकल ज्यादा से ज्यादा काम ऑनलाइन ही कर रहे है। इस डिजिटल वर्ल्ड में साइबर अपराधियों के सबसे ज्यादा सॉफ्ट टारगेट्स- टीनएजर्स, बुजुर्ग और महिलाएं ही हैं। ये अपराधी सोशल मीडिया पर निगरानी रख, बुलिंग, फिशिंग, स्टॉकिंग्स आदि द्वारा महिलाओं को परेशान कर रहे हैं। अतः साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूक और सतर्क रहकर पूरी सावधानी के साथ ही डिजिटल कार्य और सोशल मीडिया का उपयोग करें और अपनी निजी जानकारी किसी से कभी भी शेयर न करें। इस दौरान उन्होने सभी महिलाओं के विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए कहा कि,यदि आप जैसी घर की माँ ही यदि साइबर अपराधो के प्रति जागरुक रहेंगी तो वो अपने व परिवार के लिए डिजीटल कॉप बन सकती है, तथा अपने परिवार को साइबर अपराधो से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस अवसर पर पुलिस टीम ने सभी महिलाओं को साइबर अवेयरनेस के पम्पलेट्स व स्टिकर्स भी दिए और सभी को साइबर जागरूकता लाने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन छत्तीसगढ़ : जिस गांव में पादरी ने दी सेवा, उसी के कब्रिस्तान में दफ्न होने नहीं मिली जगह युवा उद्योगपति आदित्य प्रिज्म अवॉर्ड में मध्य प्रदेश का गौरव बने।
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