मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत लिमिटेड अमहिया रीवा के मनमानी एवं तानाशाही से उपभोक्ताओं को अंधेरे में बितानी पड़ती है रात्रि। गलती करे मीटर रीडर,भुगतान भरे उपभोक्ता। शिकायत पर जेई का बेतुका जवाब। जेई और मीटर रीडर के मनमानी से उपभोक्ता है परेशान। News National World/ रीवा/ इस वक़्त मप्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत लिमिटेड अमहिया रीवा अंतर्गत कई वार्डो के जेई एवं मीटर रीडर के मनमानी एवं तानाशाही से उपभोक्ता परेशान है लेकिन कोई देखने सुनने वाला नही है जिस बजह से उपभोक्ताओं को कई कई राते अंधेरे में बतानी पड़ती है। यदि एक बार विभाग द्वारा बिल भेज दिया गया है तो उसे भरना ही पड़ेगा चाहे उपभोक्ता ने बिजली का उपयोग किया हो या न किया हो। यदि बिजली बिल नही भरा गया या देरी हो गयी तो बिना बताए ही लाइट काट दी जाती है। ये समस्याएं तब से और बढ़ गयी जब से शासन द्वारा स्मार्ट मीटर लगा दिया गया। स्मार्ट मीटर लगते ही पुराने मीटर की तुलना में डेढ़ गुना ज्यादा बिल आने लगा।*बिल को देखकर कहना गलत नही होगा कि जो अभी कुछ दिनों पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व वरिष्ठ अधिवक्ता शिव सिंह ने कहा था कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता को दो गुना राशि देना पड़ रहा है लेकिन सत्ता में बैठे भाजपा नेताओं के यहा और विद्युत कर्मचारियो के यहा स्मार्ट मीटर नही लगा है। लेकिन आमजन मानस के यहा स्मार्ट मीटर लगाया गया है।* इसी तरह के मामला म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत लिमिटेड अमहिया रीवा अंतर्गत वार्ड क्रमांक-9 निराला नगर से सामने आया है जहा पर राबेन्द्र सिंह पिता अजायबलाल सिंह जिनका सर्विस क्रमांक 1402015677 है 4 माह पूर्व पुराना मीटर खराब हो गया है और इसकी जानकारी मीटर रीडर सुखेन्द्र तिवारी द्वारा उपभोक्ता को नही बताया गया और बंद मीटर का बिल 82,87 रुपये की जगह 2500 रुपये आना शुरू हो गया। बिल आने पर पूछा गया कि बिल 300 यूनिट का बिल क्यो आ रहा है तो बताया गया मीटर बंद है।तब इसकी शिकायत 1912 में की गयी कई कार्यालय में जाकर मीटर लगाने के लिए कहा गया मीटर रीडर से कहा गया लेकिन मीटर नही लगा और हर माह 300 यूनिट का बिल भेजा जाता रहा है मीटर न लगाना और उसका 2500 रुपये का का बिल भेजना क्या उपभोक्ता की गलती है। यदि मीटर खराब है तो पुराने बिल के एवरेज में उपभोक्ता से पैसा लेना चाहिए न की 2500 रुपये प्रतिमाह। जो उपभोक्ताओं के साथ लूट है।इतना ही नही कई बार शिकायत किया गया तब कही जाकर दिनांक 09/11/24 को दोपहर 2 बजे स्मार्ट मीटर लगाया गया।जो की 4 माह तक मीटर नही लगने पर लगभग 10000 हजार का बिल भेजा गया है जिसको जमा नही किया गया था। जिमसें गलती मीटर रीडर और जेई की है जबकि जो पूर्व में 60 रुपये,82 रुपये 87 रुपये आते थे उसी के आधार पर बिल पर संसोधन किया जाना चाहिए जिससे उपभोक्ता आसानी से बिल जमा कर सके। लेकिन ऐसा न करके बिना सूचना के आफिस से 20/11/24 को दोपहर 1 बजे लाइट काट दी गयी। जिस बजह से पूरे परिवार को अंधेरे में कई घंटो तक रात्रि बितानी पड़ी और बच्चो की पढ़ाई भी डिस्टर्व हुई। ये अकेला मामला राबेन्द्र सिंह का नही है इस तरह के मामले सभी वार्डो से सामने आते रहते है। वही मीटर रीडर का कहना है कि कार्यालय से लाइट काट दी गयी होगी, जब जेई राजमणि चौधरी से बात की गई तो रात्रि का हवाला देकर मोबाइल बंद कर दिए। जबकि मीटर रीडर को बताया गया था कि पैसे की व्यवस्था और बिल सुधार के बाद बिल का भुगतान कर दिया जाएगा लाखो का बना घर छोड़कर नही भागे गे लेकिन जेई एवं आउट सोर्सेस मीटर रीडर के तानाशाही से बिना सूचना के बिजली काट दी गयी।सवाल यही की बिजली विभाग के मनमानी से उपभोक्ताओं को कब मिलेगी मुक्ति।वही उपभोक्ता का कहना है कि यदि मीटर रीडर ने सही जानकारी नही दी, शिकायत पर मीटर नही लगा तो उक्त बिल का भुगतान जेई या मीटर रीडर से वसूला जाय वार्ना उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन क्या अब मणिपुर पर भी फिल्म बनेगी……..?- गोधरा कांड: फिर ताज़ा हो गए जख्म बेजुबानों का हक पराली जलाने वाले किसानों के विरुद्ध शिवसेना ने सौंपा ज्ञापन
You must be logged in to post a comment.