शासन के आदेशों की उड़ाई जा रही  धज्जियां।

सिरमौर विधायक ने मुख्यमंत्री आयुक्त और सहकारिता मंत्री को लिखा पत्र।

News National World/रीवा/ रीवा जिले के मुख्यालय में संचालित जिला सहकारी बैंक रीवा के महाप्रबंधक ज्ञानेन्द्र पांडेय अपने गृह जिले में 3 साल से पदस्थ है जिनके मनमानी एवं तानाशाही से विभाग के कर्मचारी और उपभोक्ता परेशान है।
  इतना ही नही कई ऐसे कर्मचारी है जो दस सालों से एक जगह पर पदस्थ  रहकर मलाई खा रहे हैं और महाप्रबंधक को भी खिला रहे हैं ऐसी सूत्रों से जानकारी मिली है।


बताया जाता है कि अभी सेमरिया
विधायक अभय मिश्रा ने सहकारिता विभाग को पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग की है वही दूसरी तरफ सत्ताधारी सिरमौर भाजपा विधायक ने भी मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर  महाप्रबंधक ज्ञानेन्द्र पांडेय को रीवा से हटाने के जिक्र किया है।
आपको बताना चाहूँगा कि महाप्रबंधक जब से रीवा में पदस्थ हुए हैं तब से विभाग के कर्मचारियों की बल्ले बल्ले है।  और आखों में पट्टी बांधकर महाप्रबंधक बैठे हैं और उनके ही कार्यालय में दस दस वर्षों से कई मठाधीश कर्मचारी बैठे हैं बता दे कि जहा जहा ज्ञानेंद्र पांडेय अपनी सेवा देकर आए हैं वहां वहां कुछ ना कुछ इतिहास रच कर आए हैं और शायद रीवा में भी भ्रष्टाचार का इतिहास रच कर ही जाएगे। जानकारी ये भी सामने आई है कि भ्रष्टाचार करने के लिए लगे सीसीटीवी कैमरे हमेशा बंद रहते है।

  सूत्र बताते है कि कोई भी ऐसी समिति नहीं जिस समिति के प्रबंधकों पर गवन व भ्रष्टाचार का आरोप ना हो लेकिन महाप्रबंधक को कुछ भी नहीं दिखता है तथा मामले को दबा कर रखे हुए हैं जिस बजह से समिति प्रबंधक भी बराबर अपनी सेवाएं देते रहते हैं घर से लेकर बाहर तक सभी का कार्य फिक्स रहता है लेकिन विधायक अभय मिश्रा के पत्र के बाद ज्ञानेन्द्र पांडेय माननीयो के चक्कर लगाना शुरू कर चुके थे लेकिन इतना भ्रष्टाचार कर चुके ज्ञानेन्द्र पांडेय की  भाजपा विधायक को भी मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखना पड़ा क्योंकि रीवा जिले मे खाद खाद्यान्न हो या धान, गेहूं, तिलहन की खरीदी सब में जमकर भ्रष्टाचार किया जाता है।
  ख़बर सामने आई है की सहकारी बैंक की चेयरमैन रीवा कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल हैं और उनको भी महाप्रबंधक द्वारा गुमराह किया जा रहा है क्योंकि जब महोदया द्वारा नियमित समीक्षा की जाती है तो भ्रष्टाचार और गवन के मामले सामने क्यों नहीं आते है क्या ज्ञानेन्द्र पांडेय समिति में चल रहे भ्रष्टाचार को समाप्त कर दिए।


   लोगो का कहना है कि धान खरीदी केंद्र बनाने के नाम पर पहले महाप्रबंधक द्वारा समिति प्रबंधकों से लूट करते है और बाद में वही समिति प्रबंधको द्वारा किसानों के साथ लूट करते है जिसकी शिकायत पर कभी कार्यवाही नही की जाती है।
बताया ये भी जाता है खरीदी शुरू होने पर जो समिति प्रबंधकों को मेन्टेन्स के नाम पर राशि शासन से मिलती है उसमे भी पर्सेंटेज होता है जिसे लेकर एक समिति प्रबंधक का कहना है कि जिसके साक्ष्य सबूत सुरक्षित है और जल्द ही उनके कारनामों की हकीकत आप लोगों को सुनाया जाएगा।
अब देखना यही होगा कि क्या अपनी पैठ बना चुके महाप्रबंधक और कई वर्षों से एक ही जगह पर पदस्थ कर्मचारियो का स्थानांतरण होगा और भ्रस्टाचार की जांच होगी।
या सत्ताधारी विधायक का पत्र फाइलों तक ही सीमित रहेगा।

kushmendra's avatar

By kushmendra

Journlist- NNW News(News National World)

Leave a Reply

You missed

Discover more from NNWORLD

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Discover more from NNWORLD

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading