भोपाल, मप्र-मुस्ताअली बोहराअधिवक्ता एवं लेखकएनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या ने देश भर में सनसनी फैला दी है। जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके गिरोह पर सबका ध्यान केन्द्रीत हो गया है। एनआईए, पंजाब पुलिस, मुंबई पुलिस और राजस्थान पुलिस उसके सिंडिकेट के खिलाफ हत्या और जबरन वसूली के एक दर्जन से अधिक मामलों की जांच कर रही है। कहा जाता है कि लॉरेंस बिश्नोई कथित तौर पर कनाडा स्थित सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बरार और उसके भाई अनमोल बिश्नोई के साथ मिलकर संचालित करता है। ये भी कहा जा रहा है कि उसका नेटवर्क हाल ही में सलमान खान के घर के बाहर हुई गोलीबारी में शामिल था। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला से लेकर बाबा सिद्दीकी की हत्या और मशहूर एक्टर सलमान खान को जान से मारने की धमकी तक के मामले ने लाॅरेंस बिश्नोई और उसकी गैंग की ताकत को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक तबकों से लेकर आम आदमी तक के ज़हन में यही चल रहा है कि जो मोदी सरकार कश्मीर में आंतकियों का सफाया कर सकती है, जो मोदी सरकार नक्सलियों पर नकेल डाल सकती है, जो मोदी सरकार देश के अलग-अलग हिस्सों में त्यौहारों पर होने वाले बम विस्फोटों को रोक सकती है, क्या वो बिश्नोई गैंग के आगे इतनी कमजोर हो गई है.. ? एनआईए का मानना है कि देश में गैंगस्टर-खालिस्तान समर्थक तत्वों का गठजोड़ 90 के दशक की शुरुआत में मुंबई में मौजूद परिदृश्य जैसा है। माना ये भी जा रहा है कि अब दो मुख्य गिरोह लॉरेंस बिश्नोई और कौशल चौधरी के बीच टकराव चल रहा है। यह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद और अब जेल में बंद छोटा राजन के बीच प्रतिद्वंद्विता के समान है। इस सिंडिकेट के आधा सैकड़ा से अधिक सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रसिद्ध गायक सिद्धू मूसेवाला, राजनेता राजू ठेथ और सामाजिक नेता प्रदीप कुमार जैसे लोगों की हत्या कर ये गिरोह चर्चा में आ गया। लाॅरेंस बिश्नोई और उसका भाई अनमोल बिश्नोई डब्बा कॉलिंग पद्धति से अपने गुर्गों को निर्देश देते रहे हैं। बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में मुंबई पुलिस ने हरियाणा के कैथल जिले से 23 साल के गुरमेल सिंह को हिरासत में लिया है। गुरमेल को लाॅरेंस गैंग का शूटर बताया जा रहा है। वैसे, इससे पहले भी कुछेक हाई प्रोफाइल हत्याकांड को हरियाणा के शूटरों द्वारा अंजाम दिया जा चुका है जो इसी गैंग के थे। दिलचस्प बात ये है कि लाॅरेंस गैंग के अब तक जो भी मामले सामने आए हैं उनमें 19 से 24 साल तक के ही युवा शामिल रहे हैं। करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी, पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला, एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या और एक्टर सलमान खान के घर फायरिंग के मामले तक में हरियाणा के शूटरों का नाम ही सामने आया था। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में हरियाणा के सोनीपत जिले के अंकित सेरसा, प्रियव्रत फौजी, चरखी दादरी से दीपक मुंडी और झज्जर से कुलदीप और सचिन भिवानी शामिल थे। 19 साल के अंकित ने सिद्धू मूसेवाला पर सबसे करीब से गोलियां चलाईं थीं। लाॅरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग में शामिल भिवानी जिले के बोहल गांव का सचिन भी 23 साल का है जो एयर फोर्स की तैयारी कर रहा था और जाने कब, क्यूं और कैसे इस गैंग के करीब आ गया। राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में हरियाणा के महेन्द्रगढ़ के गांव दोगड़ा जाट का नितिन फौजी शामिल था। नितिन आर्मी में जाट बटालियन में भर्ती हो गया था लेकिन फिर बिश्नोई गैंग से जुड़ गया। उसने रोहित गोदारा के कहने पर सुखदेव को गोली मारी थी। बाॅलीवुड एक्टर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग में शामिल शूटर विशाल गुरूग्राम के महावीरपुरा का रहने वाला है। वह गैंगस्टर रोहित गोदारा का शूटर है। विशाल उर्फ कालू ने रोहतक के पास स्क्रैप व्यापारी सचिन की हत्या की थी। विशाल पहले मजदूरी करता था। इसी बीच वह छोटे मोटे अपराध करने लगा, दिल्ली पुलिस ने उसे एक बार बाइक चोरी के मामले में पकड़ा था। इसके बाद वह शूटर बन गया। दरअसल, लाॅरेंस गैंग के बारे में तब जानकारी सामने आती जब उसके गुर्गे पकड़े जाते हैं। जेल में बंद बिश्नोई की गैंग में सैकड़ों युवा स्लीपर सेल के तौर पर शामिल हैं। उसकी गैंग में हरियाणा, पंजाब, यूपी, बिहार के युवाओं की तादाद ज्यादा है। अनुमान के मुताबिक बिश्नोई गैंग में सात सैकड़ा से ज्यादा गुर्गे हैं जिनमें से तीन सैकड़ा तो पंजाब से ही हैं। बहरहाल, हरियाणा के युवा तो सेना से लेकर खेल जगत तक में देश का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं फिर हरियाणा की माटी को कलंकित करने वाले ये युवा किस के इशारे पर या किस वजह से अपराध के दलदल में धंस रहे हैं। मध्यप्रदेश से लेकर उत्तरप्रदेश तक इस बात के उदाहरण मिल जाएंगे कि सरकार और पुलिस-प्रशासन सख्ती पर आ जाए तो बड़े-बड़े गैंगस्टर दुनिया से रूखसत हो जाते हैं। किसी को दुबले-पतले से लड़के पुलिस की मौजूदगी में गोलियां मार जाते हैं तो कोई तालाब के बीच गोलियों से छलनी हो जाता है या फिर किसी की वैन बीच रास्ते में पलट जाती है और वह भागने की कोशिश में एककांउटर के जरिए मारा जाता है, या फिर सिरदर्द बने मुजरिमों के शव जंगल में मिलते हैं और पता चलता है कि वो भागते हुए मारे गए। कुल मिलाकर, जेल में बंद लाॅरेंस बिश्नोई की लगातार स्वीकारोक्ति और दी जा रही धमकी के बावजूद आखिर लॉरेन्स गैंग पर लगाम क्यों नहीं लग पा रहा है, ये अहम सवाल है। आखिर, कैसे जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई अपने नेटवर्क के जरिये ना सिर्फ फिरौती की वसूली कर रहा है बल्कि बड़े-बड़े लोगों के नाम की सुपारी भी दे रहा है। उसके गुर्गे और शूटर खुलेआम घूम रहे हैं, जब जिसकों जहां चाहे वहां फायरिंग करते हैं, जिसे चाहे उसे मार देते हैं। तो क्या ये माना जाए कि बिश्नोई गैंग को कथित तौर पर प्रश्रय है, क्या उसे किसी और गैंग के खात्मे के लिए रखा गया है, क्या ये मुमकिन है कि बिश्नोई के नाम की आड़ में कोई और भी पर्दे के पीछे है यानि काम किसी और का, और नाम बिश्नोई का… जो भी सच सामने आना चाहिए। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन रावण को किया आग के हवाले धू- धू कर जल उठा अचानक हॉकफोर्स कैम्प पहुंचे डीजीपी मप्र नक्सलवाद के खात्मे के लिए डी.जी.पी. मध्यप्रदेश का दो दिवसीय बालाघाट दौरा,जवानों के साथ गुजारी रात.
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