45 सीनियर्स को अनदेखा कर 46 वे नंबर को दी गई नियुक्ति भोपाल। । मध्यप्रदेश नर्सिंग कौंसिल में एक के बाद एक घोटाले उजागर हो रहे है ,जो दर्शाते है कि काउंसिल में मनमर्जी का राज चल रहा है।पिछले दिनों सीबीआई घोटाले की आंच अभी ठंडी भी नही हुई थी की एक और नया घोटाला सामने आया है। अब यह घोटाला नर्सिंग काउंसिल में रजिस्ट्रार की नियुक्ति को लेकर सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेशनर्सिंग काउंसिल में वर्तमान रजिस्ट्रार अनिता चांद को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है।काउंसिल के रिकॉर्ड को देखे तो रजिस्ट्रार अनिता चांद सिनियर्टी लिस्ट में 46 वे स्थान पर आती है।अब यह समझ से परे है की आखिर किस आधार पर रजिस्ट्रार अनिता चांद की नियुक्ति की गई है और किस कारण से उन 45 सीनियर्स की अनदेखी को गई है जिन्हे दर किनार करके 46 वे स्थान पर होने के बावजूद अनिता चांद को रजिस्ट्रार बनाया गया ?रजिस्ट्रार अनिता चांद की नियुक्ति पर उठ रहे सवाल में एक और सवाल यह भी शामिल है कि विगत सत्र 2021- 22 में नर्सिंग कोलेजो को मान्यता देने के लिए जो काउंसिल को निरीक्षण टीम बनाई गई उसमे से एक टीम में खुद अनिता चांद शामिल रही है।काउंसिल से जुड़े सूत्रों की माने तो रजिस्ट्रार अनिता चांद ने भोपाल के कालेजों का निरक्षण किया और उनकी रिपोर्ट के आधार पर उनकी मान्यता वृद्धि की गई और जब उच्च स्तरीय जांच में उन्ही कालेजों का निरीक्षण किया गया तो वह अनियमितता वाले अनफिट निकले।अब ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ऐसे दोषी और गैर जिम्मेदार को रजिस्ट्रार जेसे पद पर नियुक्त करने की क्या वजह रही है।हालाकि इस मामले में जहां एक और विभागीय शिकायते हो रही है वही उक्त मामले में हाईकोर्ट में भी याचिका लगी हुई है।जब इन सभी सवालों और आरोप के स्बंध में रजिस्ट्रार अनिता चांद से उनका पक्ष जानना चाह तो उन्होंने कहा की रजिस्ट्रार की नियुक्ति शासन स्तर पर हुई है आप को जो पूछना है समझना शासन से पूछिए। बहरहाल अब देखना यह है की आने वाले दिनों में काउंसिल पर लगे घोटाले के दाग धुलते है या फिर और कोई एक नया घोटाला सामने आता है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन पुलिस थाना राजेन्द्र नगर पुलिस टीम द्वारा दो शातिर बदमाशो को देशी कट्टा और जिंदा कारतूस सहित पकड़ा गया खनिज विभाग रीवा और थाना प्रभारियों के मिलीभगत से तराई क्षेत्र के टमस नदी मे अवैध बालू निकालने के लिए पुनः सक्रिय हुए खनिज माफिया।