श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर पारिवारिक संस्कार, माता-पिता के सम्मान और स्त्री की गरिमा का दिया संदेश, विशाल भंडारे के साथ हुआ सप्ताह ज्ञान यज्ञ का समापनगोटेगांव। श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ के समापन दिवस पर गुरुवार 5 नवंबर को कथाव्यास पं. विपिन बिहारी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को पारिवारिक संस्कार, माता-पिता के सम्मान, वाणी की मर्यादा और स्त्री के सम्मान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि घर का आचरण देवत्व के अनुरूप होना चाहिए। जिस पुत्र के सिर पर माता-पिता के आशीर्वाद का हाथ है, वह संसार का सबसे सौभाग्यशाली व्यक्ति है।महाराज जी ने कहा कि घर में होली की अग्नि प्रज्वलित होनी चाहिए, लेकिन कड़वी वाणी की अग्नि कभी नहीं जलनी चाहिए, क्योंकि कटु शब्द परिवार की मधुरता और आपसी प्रेम को समाप्त कर देते हैं। परिवार का जुड़ाव किसी संत, महापुरुष अथवा अच्छे कथावाचक से बना रहना चाहिए। सत्संग और सद्विचारों से जुड़े परिवार का नैतिक एवं आध्यात्मिक पतन नहीं होता।स्त्री सम्मान पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि जिस घर में मां, पत्नी और पुत्री का सम्मान होता है, वहां ईश्वर की कृपा बनी रहती है। जिस परिवार में घर की महिलाएं दुखी रहती हैं, उसका वास्तविक विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मां शब्द भले ही छोटा है, लेकिन उसका अर्थ संसार में सबसे बड़ा है। दुर्भाग्य है कि लोग घरों में मां के नाम की पट्टिकाएं तो लगाते हैं, लेकिन वास्तविक जीवन में उन्हीं मां-बाप को वृद्धाश्रम छोड़ देते हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं। माता-पिता का अपमान करने वाला व्यक्ति कभी वास्तविक दिव्यत्व प्राप्त नहीं कर सकता। उन्होंने बेटों से आह्वान किया कि यदि उनसे माता-पिता के प्रति कोई भूल हुई है तो उनके चरणों में बैठकर क्षमा मांगें और जीवन में सदैव सम्मान एवं विनम्रता का भाव रखें।जीवन के वास्तविक सत्य पर चिंतन करने का संदेश देते हुए महाराज जी ने कहा कि पशुओं के बच्चों की आंखें जन्म के कुछ समय बाद ही खुल जाती हैं, लेकिन मनुष्य की आंखें जीवनभर नहीं खुलतीं। मनुष्य को सांसारिक मोह और अहंकार से ऊपर उठकर जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने का प्रयास करना चाहिए।मंत्रियों सहित जनप्रतिनिधियों ने किया कथा श्रवणमणिनागेंद्र सिंह फाउंडेशन एवं यजमान परिवार द्वारा आयोजित ज्ञान यज्ञ सप्ताह के समापन अवसर पर मणिनागेंद्र सिंह सैनिक स्कूल परिसर में प्रातः हवन एवं पूजन किया गया। इसके बाद आयोजित कथा प्रवचन में मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री धर्मेंद्र पटेल, वंडा विधायक वीरेंद्र सिंह, अभिराज सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मुख्य यजमान वरिष्ठ समाजसेवी श्री मुलाम सिंह पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे।सेवा सहयोगियों का किया सम्मान, विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालुकथा सप्ताह के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले पुलिस प्रशासन, जनपद पंचायत, नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत मंडल एवं विभिन्न सेवाभावी कार्यकर्ताओं का यजमान परिवार की ओर से स्मृति चिह्न देकर अभिनंदन किया गया। आयोजन समिति ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के योगदान की सराहना की।समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। यजमान परिवार की ओर से पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल एवं मणि नागेंद्र सिंह फाउंडेशन के सचिव श्री सरदार सिंह पटेल ने संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, श्रद्धालुओं, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस तरह सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर में साइबर ठगी और अवैध पटाखों पर पुलिस की कार्रवाई, गृहणी को 75 हजार वापस दिलाए, मकान से 2.20 लाख के पटाखे जब्त रतलाम में GST अधिकारी की कार का एक्सीडेंट, तलाशी में मिले 54.50 लाख रुपए और गहने, परिवार के चारों सदस्य हुए घायल