सत्यनारायण स्वसहायता समूह भखरवार एवं काजल स्वसहायता समूह उचित मूल्य की दुकान बरौली ठकुरान के संचालक की मनमानी एवं लूट से हितग्राही है परेशान।काजल स्वसहायता बरौली ठकुरान में अंगूठा लगवाकर नही दिया जाता खाद्यान्न।जवा/ कुशमेद्र सिंह। जिला कलेक्टर के निर्देश के बाद भी भाजपा पार्टी से जुड़े स्वसहायता समूहों के संचालकों की मनमानी और लूट का सिलसिला बंद होने का नाम नही ले रहा है जिसका सबसे बड़ा कारण पार्टी में जुड़े होने से अधिकारी कर्मचारी कार्यवाही करने की जुर्रत नही कर रहे है और समूह संचालक हितग्राहियों के साथ लूट कर रहे है। ताजा मामला रीवा जिले के जवा तहसील अंतर्गत सत्यनारायण स्वसहायता समूह भखरवार एवं काजल स्वसहायता समूह उचित मूल्य की दुकान बरौली ठकुरान से सामने आया है जहा के समूह संचालक हर माह गरीब हितग्राहियों के साथ लूट कर रहे है। जिनमे फ़ूड इंस्पेक्टर विनीत मिश्रा की मिलीभगत है इसी बजह से क्षेत्र के किसी उचित मूल्य की दुकान न ही कभी जांच की जाती है न ही शिकायत पर कोई कार्यवाही की जाती है जिस कारण हितग्राही परेशान है।बता दे कि सत्यनारायण स्वसहायता समूह भखरवार की बागडोर पूर्व कांग्रेसी व वर्तमान भाजपा नेता इंद्रमणि तिवारी उर्फ राजा को कई वर्षों से सौंपी गई है जो अपने मनमानी एवं दबंगई के दम पर हितग्राहियों को परेशान करते है और उन्हें आजकल कर बुलाते है और अंत मे हितग्राही थक कर जाना बंद कर देता है। या तो राजा तिवारी बोलेंगे की तुम्हारा अंगूठा नही लग रहा है तुम बरौली ठकुरान की दुकान में जाओ वहा से ले लो।सवाल यही की जब भखरवार उचित मूल्य की दुकान में अंगूठा नही लग रहा तो बरौली ठकुरान में कैसे लगेगा,यानी की खाद्यान न देने का सिर्फ बहाना है।और जब हितग्राही काजल स्वसहायता उचित मूल्य की दुकान बरौली ठकुरान जाता है तो वहाँ और अन्य जगह अंगूठा लग जाता है। लेकिन बरौली ठकुरान के काजल स्वसहायता समूह के संचालक श्रीमती प्रभात दुबे जिनका खाद्यान वितरण का कार्य राधेश्याम दुबे द्वारा किया जा रहा है उनके द्वारा अंगूठा तो लगवा लिया जाता है और यह कह कर वापिस कर दिया जाता है कल आना, जब कल आते है तो दुकान बंद रहती है फिर हितग्राही कुछ दिनों बाद आता है तो कहा जाता है कि आपका खाद्यान किसी ने ले लिया है कल आना देखते है। तरह दोनो समूहों द्वारा खेल खेला जाता है और अंत मे 10 किलोमीटर की दूरी तय करके आने वाला हितग्राही थक हार कर आना बंद कर देता है और समूह संचालक मनमानी पर उतारू रहते है तथा हितग्राहियों की शिकायत पर कोई देखने सुनने वाला नही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इंद्रमणि तिवारी उर्फ राजा के द्वारा कई स्कूलों को खाद्यान वितरण करने का भी कार्य किया जाता है लेकिन कभी का भार खाद्यान वितरण किया जाता और कागजो में शिक्षक के मिलीभगत कालम पूरा किया जाता क्योंकि स्कूलों में भी कई बच्चो का नाम लिखा होता है परंतु बच्चे आते नही, दो चार आते है तो रसोइया द्वारा अर्जेस्टमेन्ट किया जाता है।जिनकी सही जांच की जाए तो बड़ा भ्रष्टाचार सामने आ सकता है लेकिन सवाल यही की जांच और कार्यवाही करें तो करे कौन?जिसके लिए हितग्राहियों ने जिला कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराकर दोनो समूहों को हटाने की मांग की है ताकि हितग्राहियों को खाद्यान मिल सके। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मैं हूं अभिमन्यु अभियान का अतरैला पुलिस ने किया शुभारंभ, महिलाओं को जागरूक करने हेतु चलाया जागरूकता अभियान सुप्रीम कोर्ट ने आज ही अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि सरकार की आलोचना के लिए किसी पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होना चाहिए