केंद्र से रिलीव होते ही सरकार ने जारी किया आदेश विशेष संवाददाता -प्रवीण कुमार पाण्डेय सीधी सिंगरौली , प्रदेश के नए मुख्य सचिव अनुराग जैन बन गए हैं। यह नियुक्ति सोमवार देर रात हुई, और मंगलवार सुबह अनुराग जैन ने भोपाल में मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण किया। अनुराग जैन मध्य प्रदेश कैडर के सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। हालांकि, उनके मुख्य सचिव बनने की प्रक्रिया काफी दिलचस्प रही, क्योंकि मुख्य दावेदार डॉ. राजेश राजौरा माने जा रहे थे। नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव:डॉ. राजेश राजौरा का नाम लगभग फाइनल हो चुका था, और उनका नाम प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजा गया था। 29 सितंबर तक PMO से कोई जवाब नहीं मिला था, और सभी यह मान रहे थे कि डॉ. राजौरा ही अगले मुख्य सचिव होंगे।30 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव झारखंड जाने की तैयारी कर रहे थे, और तब तक भी दिल्ली से कोई संदेश नहीं आया था। कई अधिकारियों ने डॉ. राजौरा को बधाई भी दे दी थी।लेकिन, दोपहर में दिल्ली से अचानक संदेश आया कि अनुराग जैन को मुख्य सचिव नियुक्त किया जाएगा। इसके बाद ही राज्य सरकार ने उनके नाम का आदेश जारी किया।अनुराग जैन का करियर और प्रशासनिक अनुभव:अनुराग जैन का नाम इस साल की शुरुआत में ही मुख्य सचिव के लिए प्रस्तावित किया गया था। फरवरी 2024 में राज्य सरकार ने उनकी प्रतिनियुक्ति से वापसी के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था, लेकिन लोकसभा चुनाव की तैयारी के चलते उन्हें वापस नहीं बुलाया गया। अनुराग जैन ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें भारतीय निर्यात-आयात बैंक के कार्यवाहक अध्यक्ष और पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान में उनकी अहम भूमिका रही है।हाल ही में, मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें रोड, ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जैन को वित्त प्रबंधन में महारत हासिल है और उन्होंने मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विसेज डिलीवरी एक्ट को लागू कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।डॉ. राजेश राजौरा की दावेदारी:डॉ. राजेश राजौरा 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया है। उनके नाम को मुख्य सचिव के पद के लिए प्रमुख दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अंततः अनुराग जैन को इस पद के लिए चुना गया। क्यों हुई देरी?मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिवों का कहना है कि किसी भी राज्य के मुख्य सचिव की नियुक्ति के लिए एक विशिष्ट प्रक्रिया होती है, विशेषकर जब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए अधिकारी को वापस लाया जाता है। केंद्र से अनुमति प्राप्त करने और आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने में समय लगता है। यही कारण है कि आदेश जारी करने में देर हुई। अनुराग जैन की मुख्य सचिव के रूप में नियुक्ति ने मध्य प्रदेश की नौकरशाही में एक बड़ा बदलाव लाया है। उनके व्यापक अनुभव और वित्तीय प्रबंधन में विशेषज्ञता के चलते यह माना जा रहा है कि वे राज्य प्रशासन में प्रभावी नेतृत्व प्रदान करेंगे। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन देवी अहिल्या माता चौक राजवाड़ा पर राष्ट्रगान एवं राष्ट्र गीत का गायन सीधी पुलिस द्वारा महिला संबंधी अपराधों के अपराधियों के विरूद्ध की गई प्रभावी कार्यवाही