मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में किया सम्मानित, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मियों की सेवाओं की सराहनाबालाघाट। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए स्वस्थ यकृत मिशन के सफल क्रियान्वयन के लिए बालाघाट जिले को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया है। भोपाल स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले को यह सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों और स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण का प्रतीक माना जा रहा है।यह उपलब्धि कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। समारोह में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, मिशन संचालक सलोनी सिडाना सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।बालाघाट जिले की ओर से एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. गौरव करवते, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिठली के चिकित्सा अधिकारी डॉ. सौरभ उईके तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्वेता मेश्राम ने मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान प्राप्त किया।7.99 लाख से अधिक लोगों की हुई स्क्रीनिंगस्वस्थ यकृत मिशन के अंतर्गत जिले में 7 लाख 99 हजार 707 लोगों की स्क्रीनिंग कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई। जिले के विभिन्न विकासखंडों में व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया, जिसके तहत हजारों लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श और उपचार से जोड़ा गया।नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवा का प्रेरक उदाहरणसम्मान की सबसे खास बात यह रही कि डॉ. सौरभ उईके और सीएचओ डॉ. श्वेता मेश्राम ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद लगातार अपनी सेवाएं दीं। दोनों स्वास्थ्यकर्मियों ने कठिन हालात में भी बिना अवकाश लिए अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उनकी कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के प्रति समर्पण ने जिले को यह सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।रोकथाम और जागरूकता पर विशेष जोरमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि स्वस्थ यकृत मिशन के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की स्क्रीनिंग कर उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। अभियान के अंतर्गत संदिग्ध मरीजों की पहचान, पंजीयन, जोखिम वर्गीकरण तथा समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाता है।उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वस्थ यकृत मिशन की शुरुआत 21 मई 2025 को राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य यकृत संबंधी बीमारियों की समय रहते पहचान, प्रभावी उपचार और जन-जागरूकता को बढ़ावा देना है।राज्य स्तर पर मिला यह सम्मान बालाघाट जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और स्वास्थ्यकर्मियों की समर्पित कार्यशैली का प्रमाण है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन थायरॉइड: जानिए इसके लक्षण, कारण, बचाव और सही खानपान अपहृत नाबालिग बालिका को जीआरपी उज्जैन ने सुरक्षित किया दस्तयाब, महाराष्ट्र पुलिस को सौंपा