प्रदीप चौधरी। पीड़िता की तस्वीर वायरल की गई, उसकी गरिमा से खिलवाड़ किया गया।जैसी बर्बरता की गई उससे पूरा देश हिल गया-CJI यह मामला राष्ट्रहित से जुड़ा है-CJI हम नेशनल टास्क फोर्स बनाने जा रहे हैं -CJI कोर्ट की निगरानी में बनेगा नेशनल टास्कफोर्स- CJI डॉक्टर हम पर भरोसा रखें-CJI सीजेआई ने डॉक्टर्स से कहा, हम पर भरोसा करें CJI ने कहा कि पुलिस ने क्राइम सीन को प्रोटेक्ट क्यों नहीं किया? हजारों लोगों को अंदर क्यों आने दिया? प्रिंसिपल को दूसरे कॉलेज में क्यों जॉइन कराया गया? CJI ने कहा, सीबीआई इस मामले में गुरुवार तक स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करे. जांच इस समय नाजुक दौर में है, इसलिए डायरेक्ट रिपोर्ट कोर्ट में दी जाए. CJI ने पूछा- प्रिंसिपल क्या कर रहे थे? FIR दर्ज नहीं की गई. शव माता-पिता को देर से सौंपा गया. पुलिस क्या कर रही है? एक गंभीर अपराध हुआ है. उपद्रवियों को अस्पताल में घुसने दिया गया? CJI ने कहा कि हम एक नेशनल टास्क फोर्स बनाना चाहते हैं जिसमें सभी डॉक्टरों की भागीदार हो. CJI ने डॉक्टरों को कहा कि आप हम पर भरोसा करें. डॉक्टर्स की हड़ताल पर कहा, इस बात को समझें कि पूरे देश का हेल्थ केयर सिस्टम उनके पास है. सीजेआई ने पूछे सवाल CJI ने कहा कि हमने स्वत: संज्ञान इसलिए लिया है क्योंकि रेप-हत्या के अलावा यह देशभर में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर भी है. हम सुरक्षा को लेकर सुनवाई करेंगे. हमें डॉक्टर्स, खासकर महिला डॉक्टर और युवा डॉक्टर्स की सुरक्षा को लेकर चिंता है. CJI ने कहा कि हम पीड़िता की पहचान उजागर होने को लेकर चिंतित हैं. पीड़िता की फोटो और पोस्टमार्टम के बाद उसकी बॉडी को दिखाना चिंताजनक है. हम पीड़िता की तस्वीरें और नाम सोशल मीडिया पर प्रसारित होने से बहुत चिंतित हैं. हर जगह पीड़िता की पहचान उजागर हुई. जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए था. CJI ने पश्चिम बंगाल से पूछा- क्या प्रिंसिपल ने हत्या को आत्महत्या बताया? क्या पीड़िता के माता-पिता को सूचना देर से दी है? उन्हें मिलने नहीं दिया गया CJI ने कहा कि क्या हत्या के तहत FIR दर्ज हुई है? प्रिंसिपल क्या कर रहे थे? एफआईआर दर्ज कराने में देरी क्यों हुई? ये बेहद गंभीर मुद्दा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ये बड़ा राष्ट्रहित का मामला SC ने पूछा- सबसे पहले एफआईआर किसने और कब दर्ज कराई. इस पर कोर्ट को बताया गया कि उस रात 11.45 PM पर पहली एफआईआर दर्ज की गई थी. CJI ने कहा कि अभिभावकों को बॉडी देने के 3 घंटे 30 मिनट के बाद एफआईआर दर्ज की गई? CJI ने पश्चिम बंगाल सरकार और हॉस्पिटल प्रशासन को फटकार लगाई? कहा, एफआइआर देर से क्यों दर्ज हुई? हॉस्पिटल प्रशासन आखिर क्या कर रहा था? CJI ने कहा, हम डॉक्टरों से आग्रह करते हैं कि काम पर लौटें. हम डॉक्टरों से अपील करते हैं. हम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यहां हैं. हम इसे हाईकोर्ट के लिए नहीं छोडे़ंगे. ये बड़ा राष्ट्रहित का मामला है. CJI ने कहा कि जब हत्या हुई थी तो पीड़िता के माता-पिता वहां मौजूद नहीं थे. ये हॉस्पिटल प्रबंधन की जिम्मेदारी थी कि वो एफआईआर दर्ज कराए. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, इसे हल्के में नहीं समझना चाहिए. हम एक युवा डॉक्टर के साथ एक यौन विकृत व्यक्ति द्वारा बलात्कार की घटना से निपट रहे हैं, लेकिन इसमें एक पशु जैसी प्रवृत्ति भी थी. मैं इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता. माता-पिता को 3 घंटे तक इंतजार करना पड़ा. भोपाल – कोलकता की घटना से सबक मप्र में अब CCTV की निगरानी में रहेगा सरकारी अस्पताल का हर हिस्सा रात में भी राउंड करेंगे डीन व अधीक्षक मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा संचालक ने जारी किए निर्देश सभी 17 सरकारी मेडिकल काॅलेजों के डीन ,अधीक्षकों को निर्देश एक सप्ताह में व्यवस्थाएं पूरी कर परिपालन रिपोर्ट देने के लिए कहा । इंडिगो एयरलाइन अब महिलाओं को सीट बुक करते समय पुरुषों के बगल में न बैठने का विकल्प भी देगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन पत्रकार? भारत का चौथा स्तंभ माना जाता है-मासूम का मददगार बनें। मध्यप्रदेश में अब ऑनलाइन तामील होगा समन या वारंट