सिंगरौली। विशेष संवाददाता -प्रवीण कुमार पाण्डेय-9303816202आईआरसीटीसी एक ऐसी वेबसाइट है जिसके माध्यम से आम लोग अपने लिए ट्रेन के टिकट बुक करते हैं और अपनी यात्रा को सरल बनाते हैं. ऐसे में एक अफवाह आईआरसीटीसी को लेकर आम है कि आप अपनी IRCTC आईडी से किसी और सरनेम का टिकट बुक नहीं कर सकते हैं और अगर ऐसा कोई करते हुए पाया जाता है तो उसे जेल भी हो सकती है. लेकिन इसके पीछे की सच्चाई क्या है और IRCTC के किन नियमों के उल्लंघन पर आपको जेल हो सकती है आज हम इसी बारे में बात करेंगे। किसी और का टिकट किया बुक तो होगी जेल? यह अफवाह सोशल मीडिया पर आम हो रही है कि अगर आपने अपनी IRCTC आईडी से किसी और का टिकट बुक कर दिया तो आपको जेल की हवा खानी पड़ेगी. हालांकि इस पर रेलवे ने स्पष्टीकरण जारी कर सभी अफवाहों पर लगाम लगा दी है. दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे पोस्ट वायरल हो रहे थे जिसमें कहा गया कि अगर किसी का सरनेम कुछ और है तो वो अपने टिकट बुकिंग अकाउंट से दूसरे सरनेम वाले व्यक्ति का आईआरसीटीसी के वेबसाइट या ऐप पर टिकट बुक नहीं कर सकेगा. और दूसरे सरनेम के टिकट बुक करने पर सजा भी हो सकती है. इस खबर के वायरल होने के बाद आईआरसीटीसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, सोशल मीडिया में जो न्यूज़ सर्कुलेशन में है कि दूसरे सरनेम पर टिकट बुकिंग पर बंदिशें लगा दी गई है ये पूरी तरह गलत और भ्रामक है. यूजर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए टिकट बुक कर सकता है। टिकट बेचा तो खानी पड़ सकती है जेल की हवा आईआरसीटीसी और रेलवे के नियम के तहत आप अपनी IRCTC आईडी से टिकट बुक करके यदि बेचता हुआ पाया जाता है, या फिर इस सुविधा से आर्थिक लाभ लेता पाया जाता है तो रेलवे एक्ट 1989 के सेक्शन 143 के तहत उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी.इसका सीधा सीधा मतलब है कि उपयोगकर्ता लाभ कमाने के लिए टिकट फरोख्त का कार्य अपनी व्यक्तिगत आईडी से नहीं कर सकता। अधिकतम 12 टिकट हो पाएंगे बुक रेलवे नियमों के तहत IRCTC का एक उपयोगकर्ता अपनी आईडी से केवल छह टिकट ही एक महीने में बुक कर सकता है, लेकिन अगर वह IRCTC पर अपना आधार सत्यापन करवा लेता है तो वह एक महीने में 12 टिकट बुक कर पाएगा. इसके अलावा यदि कोई भी आईआरसीटीसी के एप या वेबसाइट पर निजी आईडी से व्यापार करता पाया जाता है तो वह सजा का हकदार होगा। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इतिहास के पुनर्लेखन की कोशिश में भाजपा : आरएसएस ने अंबेडकर को तुच्छ बताया था और विवेकानंद ने कट्टरता को क्या फटे नोट के अलावा जले हुए नोट भी बदल सकते हैं आप,जाने इसके बारे में…