सीधी।विशेष संवाददाता रिपोर्ट -प्रवीण कुमार पाण्डेय सिंगरौली/सीधीग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सीधी का भ्रष्टाचार मध्यप्रदेश विधानसभा की चौखट तक पहुंच गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चुरहट विधायक अजय सिंह द्वारा विधानसभा में लगाए गए तारांकित प्रश्न क्रमांक 2715 में जिन बिन्दुओं की जानकारी चाही गई है अगर विभाग द्वारा ईमानदारी पूर्वक दस्तावेज उपलब्ध करा दिया जाता है तो सीधी जिले में विकास कार्यों के नाम पर किए गए करोड़ों रुपए के फर्जीवाडे का खुलासा हो सकता है। ईमानदारी पूर्वक दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात इस लिए कहा गया है कि इसके पूर्व विधायक प्रणय प्रभात पाण्डेय द्वारा भी विधानसभा में तारांकित प्रश्न पूछे गए थे, श्री पाण्डेय ने सीधी जिले में अमृत सरोबार द्वारा कराए गए कार्यों की जानकारी मांगी गई थी लेकिन उसका खुलासा नहीं हो सका है। जबकि सीधी जिले में अमृत सरोबर के नाम पर जमकर खेल खेला गया है।बता दें कि इस पूरे मामले का खुलासा तभी हो सकता है जब मुख्यमंत्री के निर्देश पर सत्ताधारी दल के विधायकों के साथ साथ कांग्रेस के विधायकों को भी जॉच टीम में शामिल कर टीम गठित की जायइन कार्यों की मांगी गई है जानकारीचुरहट विधायक अजय अर्जुन सिंह ने विधानसभा क्षेत्र चुरहट के अन्तर्गत वर्ष 2019-20, 2020-21, 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 में किन-किन निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई, निर्धारित निर्माण कार्य एजेन्सियों के नाम सहित आदेशों की प्रति उपलब्ध कराएं। इसी तरह विधानसभा क्षेत्र 76 चुरहट अन्तर्गत सत्र 2019-20. 2020-21, 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 के रुपये 10 लाख से अधिक के कौन-कौन से निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई, योजना का नाम और निर्धारित निर्माण कार्य एजेन्सियों के नाम सहित आदेशों की प्रति तथा उपरोकर कार्यों की तकनीकी स्वीकृति किस-किस दिनांक को दी गई तथा कितनी कितनी राशि की स्वीकृत की गई। इसके साथ ही किन-किन कार्यों में प्रथम प्रशासकीय स्वीकृति के बाद पुनः प्राक्कलन तैयार कर योजना पूरी करने हेतु पुनः कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई, उपरोक्त कार्य किस-किस पद्धति से कराए गये हैं।जनवरी में भी लगा था विधानसभा में प्रश्नग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सीधी द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों की जानाकारी विधानसभा के पटल पर जनवरी 24 में भी पहुंची थीं लेकिन भेजी गई जानकारी में लीपापोती होने के चलते वो प्रभावशील नहीं हुई थी। बता दें कि विधायक प्रणय प्रभात पाण्डेय द्वारा विधानसभा में लगाएं गए तारांकित प्रश्न क्रमांक 257 में वित्त वर्ष 2020-21 से प्रश्न दिनांक तक कहा कहा पर कितनी राशि से अमृतसरोवरों का निर्माण कराए गए हैं जिसकी जानकारी चाही गई थीं, लेकिन इसके जवाब में विभाग द्वारा आधे अधूरे एवं घटिया निर्माण कार्यों को भी पूर्ण बताकर विधायक श्री पाण्डेय को गुमराह कर दिया गया था। जिसके चलते अमृत सरोबर के नाम पर किए गए करोड़ों रुपए के गोलमाल का मामला ठंडे बस्ते में चला गया। हालांकि अब चुरहट विधायक अजय सिंह द्वारा लगाए प्रश्नों के उत्तर का जमीनी स्तर पर जांच कराई जाएगी तो सब कुछ साफ हो जाएगा। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन क्लब फुट क्लीनिक में विकृत पैर वाले जन्मजात बच्चों का किया जा रहा उपचार उज्जैन पुलिस थाना बड़नगर की बड़ी कार्यवाही, सामान के साथ 50 लाख का ट्रक जप्त.