प्रदीप चौधरी। आज के इस दौर में प्रदेश में मंत्री और मुख्यमंत्री खुद का वेतन भत्ता भरेंगे लेकिन प्रदेश की पुलिस के कुछ जवान अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे। आए दिन आम जनता को किसी न किसी बहाने परेशान करने का नया-नया तरीका ढूंढ लेते हैं। इसे अपराधी तो पकड़े जाते नहीं है पर आम जनता को परेशान करते हैं। अगर इनके शरीर को देखा जाए तो यह भागने में भी सक्षम नहीं है कि अगर कोई अपराधीन के सामने सड़क पर दौड़ता नजर आए थे पकड़ तक नहीं सकते भाग कर वह भी..! जनता के रक्षक ही, बन गए भक्षक न्याय की गुहार लगाई पुलिस कमिश्नर पुलिस जवान कर रहे पुलिस की वर्दी की छवि को धूमिल परदेशी पूरा पुलिस के जवानों की हरकत निंदनीय… वर्दी की छवि को किया धूमिल सब्जी विक्रेता के द्वारा बताया गया कि कुछ पुलिसकर्मी टीआरपी लाइन से आए हुए थे सब्जी लेने के लिए और सब्जी के भाव इस समय बड़े हुए हैं जिसको लेकर थोड़ी सी बातचीत हो गई और इसी बात को लेकर उन्होंने राई का पहाड़ बना दिया। और मुक्त में सब्जी मांगने लगे सब्जी मलिक के द्वारा मना करने पर दुर्व्यवहार किया गया और साथ ही समीप थाना क्षेत्र परदेशीपुरा से परिचित जवानों को बुलाकर रंगदारी दिखाई गई। साथी उनकी माता के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। सब्जी विक्रेता ने बताया कि दो दिन से सब्जी की दुकान बंद है ,क्योंकि दुकान से टोलकाट,साउंड बॉक्स पुलिस के द्वारा जप्त कर लिया गया है। और पुलिस के द्वारा उनके घर पर बार-बार दस्तक दी जा रही है गिरफ्तार करने के लिए जिसमें सब्जी संचालक का कोई दोष नहीं बताया जा रहा है। सब्जी संचालक का दोष यह है कि उन्होंने मुक्त में सब्जी नहीं दी..! पुलिस का इस प्रकार का व्यवहार वर्दी को शर्मसार करती है मिली जानकारी अनुसार….डी.आर.पी. लाईन के किसी पुलिसकर्मी द्वारा रंगदारी दिखाकर निशुल्क सब्जी देने से मना करने पर थाना परदेशीपुरा इन्दौर के 3-4 दोस्त पुलिसकर्मियों की मदद से सब्जी विक्रेताओं को डरा-धमकाकर उनके तोलकांटे, पेटीएम मशीनें उठाकर ले गए। वर्दी की इज्जत ना कर वर्दी में बटन खोलकर असामाजिक तत्वों जैसे र्दुव्यवहार करते नज़र आए , वर्दी का दुरूपयोग करने सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से सम्पूर्ण घटनाक्रम की जानकारी से अनभिज्ञता रखने को लेकर थाना परदेशीपुरा इन्दौर के 3-4 पुलिसकर्मियों और डी.आर.पी. लाईन के पुलिसकर्मियों की रंगदारी, जनता में भय का माहौल व्याप्त करने, शिष्टता का उल्लंघन करने, जनता में भय का माहौल व्याप्त करने से परेशान होकर सब्जी विक्रेतागण पहुंचे पुलिस कमिश्नर कार्यालय जहां पर लिखित में शिक़ायत दी। सब्जी विक्रेताओं द्वारा पुलिस कमिश्नर को आवेदन…. श्रीमान डी.सी.पी. महोदय, डी.सी.पी. जोन-2 पलासिया, इन्दौर विषयः डी.आर.पी. लाईन, इन्दौर के पुलिसकर्मी द्वारा शिकायतकर्ता की सब्जी की दुकान पर आकर रंगदारी करते हुए फ्री में सब्जी लेने की माथा पच्ची कर पुलिस होने का रोब जमाकर गाली गलौच करने, मारपीट करते उक्त पुलिसकर्मी द्वारा अपने रसूख एवं पुलिस स्टॉफ होने के प्रभाव से थाना परदेशीपुरा इन्दौर के 3-4 पुलिसकर्मियों के माध्यम से सब्जी विक्रय के स्थल पर आकर विधि विरूद्ध रूप से पुलिस मशीनरी का एवं लोकसेवक के पदों का दुरूपयोग करवाकर शिकायतकर्ता के सब्जी बेचने के साधन जिसमें तोलकांटा, पेटीएम मशीन 2 उठाकर ले जाते हुए साथ ही शिकायतकर्ता के छोटे भाई तरूण कुशवाह को भी विधि विरूद्ध रूप से उठाकर ले जाने एवं थाने पर बैठाकर रखने के घटनाक्रम थाने पर लगे सी.सी.टी.वी. फुटेज में केद होने सहित वर्दी का नाजाईज फायदा उठाकर थोड़े-थोड़े समय में शिकायतकर्ता की दुकान मकर सब्जी विक्रय करने में बाधा कारित कर उठाकर ले जाने की धमकी देने, तोड़ देने की धमकी देने, दुकान उठाने की धमकी देने सहित पुलिस के झूठे समें फंसाने की धमकी देते हुए मानव अधिकार के विपरीत जाकर एवं पुलिसकर्मी द्वारा वर्दी की इज्जत ना कर गुंडों जैसे वर्दी का बटन खोलकर सब्जी विक्रय स्थल पर आते हुए रूतबा दिखाने, मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण 1965 के नियम 3(3A) का उल्लंघन होकर मध्यप्रदेश पुलिस रेग्यूलेशन के पैरा/नियम क्रमांक 64(3), 64(4), 64 (11) का भी उल्लंघन करते हुए जनता में भय का माहौल व्याप्त करने के संदर्भ में वैधानिक एवं विभागीय कार्यवाही किये जाने बाबद। माननीय महोदय, हम शिकायतकर्तागण (1) अनिता कुशवाह, (2) निहाल कुशवाह, (3) देवेन्द्र पंवार, (4) संजय कुशवाह, (5) राहुल कुशवाह, (6) सुन्दरलाल वर्मा, (7) प्यारेलाल पंवार, (8) जितेन्द्र सेंगर, (9) धनन्जय सब्जी विक्रेतागण होकर अन्तर्गत थाना क्षेत्र परदेशीपुरा, इन्दौर के कालका माता मन्दिर के पास, भंडारी ब्रिज के नीचे सब्जी विक्रय का कार्य करते हैं। दिनांक 26/06/2024 को जब हम लोग हमारे विक्रय स्थल पर सब्जी विक्रय कर रहे थे तब सुबह 8 बजे के दरमियान एक पुलिसकर्मी जो अपना नाम कथित पवन शर्मा होना बता रहा था जिसे हम लोग चेहरे से जानते है. उसके द्वारा रंगदारी दिखाकर सब्जी में भाव-ताव करते हुए एवं पश्चात में फ्री में सब्जी देने का कहते हुए दबाव डाला जाने लगा तथा सुबह-सुबह ग्राहकी का समय होने पर हमने जब उसको फ्री में सब्जी देने का मना करते हुए उचित भाव में देने का बोला तो उसने थोड़ी-थोड़ी देर में रूक-रूक कर अपने मोबाईल से विडियो बनाई तथा सम्पूर्ण घटनाक्रम की एवं उसकी गलतियों, रंगदारी, गुंडागर्दी की विडियो ना बनाते हुए गाली गलौच की व झूमा झटकी करते हुए अश्लील गंदी गंदी गालियां बकी तथा महिलाओं के साथ भी अपमानजनक, असद एवं उनकी लज्जा भंग करने वाला कृत्य किया जिस पर हमारे साथ की महिला भी घबराकर बेहोश हो गई और उनके कपड़े भी अस्त-व्यस्त हो गये, उक्त प्रकार का कृत्य उक्त व्यक्ति ने पुलिस की रंगदारी दिखाते हुए महिलाओं की लज्जा भग करने के आशय से भी किया। जिसके चाद हमने उसको जैसे-जैसे वहां से भगाया और पुलिस में शिकायत करने की बात की तो उक्त पुलिसकर्मी ने थाने का स्टॉफ उसका परिचित होने का हवाला देते हुए डराया धमकाया और थोड़ी देर बाद उक्त पुलिसकर्मी अपने साथ 3-4 पुलिसकर्मियों को बाईक से बुलाकर लेकर आया जिन्होंने आते से ही हमारे विक्रय पर आकर जबरजस्ती घुसे व सब्जी बेचने का तोल कांटा सहित दो पेटीएम मशीन भी उठाकर ले जाने लगे एवं पूरी सब्जी उठाकर ले जाने की भी धमकी दी एवं साथ में ही तरूण कुशवाह को अपने साथ गैरकानूनी रूप से विधि विरुद्ध तरीके से कोई जानकारी दिये बगैर उवाकर ले गये व थाने में ले जाकर बिठा दिया एवं उक्त घटनाक्रम की कोई भी आवक-जावक, रवांगी, आमद भी उक्त पुलिसकर्मियों ने दैनिक सान्हा रोजनामचा में भी उल्लेख नहीं की होगी। जिससे भी स्पष्ट है कि थाने के कुछ पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में मामले को लाये बगैर अपने पद-प्रभाव एवं लोकसेवक के पद का दुरुपयोग कर आमजनता में पुलिस की छवि को धुमिल कर शांतिपूर्ण व्यवहार ना कर शिष्टता का उल्लंघन कर पुलिस के बल पर रंगदारी दिखाते हुए ही में सब्जी सारीदने का पुलिस मशीनरी का दुरुपयोग किया, जो कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण 1965 के नियम 3(3A) का उल्लंघन होकर मध्यप्रदेश पुलिस रेग्यूलेशन के पैरा/नियम क्रमांक 64(3), 64(4), 64 (11) का भी उल्लंघन किया। उपरोक्त घटनाक्रम के बाद में थोड़ी-थोड़ी देर में थाने के पुलिसकर्मी ने आकर सब्जी विक्रय करने के स्थान पर आकर किसी को दुकान नहीं लगाने का कहते हुए डराया धमकाया और जो दुकान पर बैठ रहा था उसको उठाकर ले जाते हुए पुलिस की छवि धुमिल कर आमजनता में भय का माहौल उत्पन्न किया एवं थाने पर सब्जी विक्रेतामणों को पेश करने का भी दबाव डाला. जिस पर हम शिकायतकर्तागणों के ही परिवार की कशील पुत्री सु पूजा काछी, उसने जब पुलिसकर्मियों से पूछा कि यदि कोई झूठी एफ.आई.आर. हुई ही ली उसकी जानकारी दे अथवा सामान्य धाराओं में एफआईआर होने पर धारा 41-क दण्ड प्रक्रिया संहिता का सूचना पत्र देने की वांछना पर भी पुलिसकर्मियों द्वारा गैरकानूनी रूप से थाने पर पेश होने का दबाव डाला और पुलिस क्या-क्या कर सकती है इसकी भी धमकी दी। उक्त पुलिसकर्मियों के सम्जी विक्रय स्थल पर आने के फोटोग्राफ्स हमारे पास उपलब्ध है जिसमें एक हेल्दी पुलिसकर्मी के पीछे एक दुबला-पतला ल्डकानुमा पुलिसकर्मी जिसकी मुछे बढ़ी हुई थी उसके बारे में जानकारी निकालने पर पता चला कि उसके पिता की पुलिस विभाग में रहते हुए मृत्यु हो जाने से उक्त लड़का अनुकम्पा नियुक्ति पर होकर वार्ड नम्बर 24 में ही उसका निवास है एवं पूर्व में ही उक्त लड़का पुलिसकर्मी डी.आर.पी. लाईन में पदस्थ होकर अपने ही नियास स्थान के थाना क्षेत्र में नौकरी करना भी कई सवालों को उत्पन्न करता है। उक्त लड़के को साथ आये एक मोटे हट्टे-कट्टे पुलिसकर्मी, जो बाईक पर पुलिस वर्दी धारण करने के नियमों वो प्रतिकुल उपर के बटन खोलकर गुंडों जैसा व्यवहार कर रहा था एवं वर्दी का भी लिहाज ना कर उपर का बटन खोलना भी स्पष्ट दिखाता है कि पुलिस वर्दी का रौब दिखाकर उक्त लोगों द्वारा गुंडागर्दी की जा रही है एवं यह भी स्पष्ट है कि हमारे सब्जी स्थल पर आकर जितनी बार आये गये हैं जिसके प्रमाण हमारे पास दिद्धियों एवं फोटोग्राफ्स उपलब्ध है. उसकी प्रवृष्टि भी ध्वने के दैनिक सान्हा रोजनामचे में भी रवांगी आमद की इंट्री नहीं करने से भी उक्त पुलिसकर्मियों द्वारा अनुशासन हीनता की गई है एवं उक्त पुलिसकर्मी द्वारा सब्जी विक्रय करने में बाधा कारित कर उठाकर ले जाने की धमकी देने, मकान तोड़ देने की धमकी देने, दुकान उठाने की धमकी देने सहित पुलिस के झूठे कंस में फंसाने की धमकी देते हुए मानव अधिकार के विपरीत जाकर कार्य किया है। उपरोक्त घटनाक्रम के बाद जब हम लीग श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय, इन्दौर के पास शिकायत लेकर गये ती उनके स्टॉफ के द्वारा साहब मीटिंग में होने का कहा गया जिस पर हम लोग डी.सी.पी. महोदय के पास गये त्ती वह अपने आफिस से निकल गये थे, जिसकी जानकारी लगने पर उन्होंने छोटे बालक तरूण कुशवाह को यह कहते हुए छोड़ा गया कि शाम को राहुल कुशवाह एवं निहाल कुशवाह की थाने पर पेश करना नहीं तो सब्जी बेचना दुशचार कर देंगे व 151 व किसी भी पुलिस प्रकरण में फंसा देंगे, ऐसा बोलकर जराया-धमकाया। तब से ही धाने के पुलिसकर्मी जिन्हें हम चेहरे से जानते हैं, जिनके द्वारा हमें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है गुंडा गर्दी की जा रही है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मोदी राज में मनु के शिकंजे में मानवाधिकार! मध्य प्रदेश शासन ने 14 (IAS) आईएएस अफसरों के तबादले…