इंदौर। प्रदीप चौधरी। DCP को गुमराह कराने का मामल सामने आया जब असली पीड़ित पहुंचा। असली पीड़ितों के पहुंचने के बाद तुरंत उनका मेडिकल परीक्षण करवाया गया।प्रधान आरक्षक नीरज गुर्जर ने सलून संचालक अनिल सेन और रिश्तेदार धर्मेंद्र सेन व इश्वर चौहान के साथ मारपीट कर दी थी।थाने पहुंचे अनिल को प्रधान आरक्षक योगेश झोपे, अनिल झा ने धमकाया और शिकायत से इनकार कर दिया।एक पुलिसकर्मी तो पुलिस आयुक्त कार्यालय परिसर में भी धमका रहा था।इंदौर। सलून संचालक और उसके रिश्तेदारों के साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों ने डीसीपी को गुमराह कर दिया। जांच से बचने के लिए फर्जी गवाह पेश कर मारपीट से मुकुर गए। बुधवार को असली पीड़ितों के पहुंचने के बाद तुरंत उनका मेडिकल परीक्षण करवाया गया। कनाड़िया थाना के प्रधान आरक्षक नीरज गुर्जर ने सलून संचालक अनिल सेन और रिश्तेदार धर्मेंद्र सेन व इश्वर चौहान के साथ मारपीट कर दी थी। रिपोर्ट लिखवाने थाने पहुंचे अनिल को प्रधान आरक्षक योगेश झोपे, अनिल झा ने धमकाया और शिकायत से इनकार कर दिया। एसआइ सुरेंद्रसिंह ने भी अफसरों से कहा कि मामला आपसी कहासुनी का है। डीसीपी जोन-2 अभिनय विश्वकर्मा ने सुरेंद्र और नीरज को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया। मंगलवार दोपहर पुलिसकर्मियों ने इश्वर से समझौता किया और दो युवकों को धर्मेंद्र व अनिल बना कर पेश कर दिया।मारपीट के सवाल कर कहा कि गाड़ी फिसलने से घायल हुए हैं। बुधवार को असली धर्मेंद्र और अनिल डीसीपी कार्यालय पहुंचे तो साजिश का खुलासा हुआ और दोनों का मेडिकल परीक्षण करवाया गया। धर्मेंद्र के मुताबिक एक पुलिसकर्मी तो पुलिस आयुक्त कार्यालय परिसर में भी धमका रहा था। उधर परदेशीपुरा एसीपी नरेंद्र रावत ने जांच शुरु कर दी है। कनाड़िया थाना से भी सीसीटीवी फुटेज निकाल लिए है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन अवैध रूप से सट्टा संचालित करने वाले बाप-बेटे चढ़े पुलिस के हत्थे, लाखों रुपए के सट्टे का हिसाब मिला थाना छोटीग्वालटोली पुलिस ने दो शातिर वाहन चोर को गिरफ़्तार किया