वाइट… वकील साहब की सुनिए क्या कहा बम को लेकर….. धारा 307 बड़वाने वाले ज़मीन मालिक ने कहा – इनकी जमानत रद्द करो अक्षय कांति बम का कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट किया जारी इंदौर। प्रदीप चौधरी। कांग्रेस से बीजेपी में आए अक्षय कांति बम के खिलाफ 17 साल पुराने मामले में शुक्रवार को इंदौर जिला कोर्ट में एक नया आवेदन लगाया गया है। केस में बम पर धारा 307 बढ़वाने वाले जमीन मालिक ने आवेदन के जरिए कहा है कि बम की जमानत रद्द की जाए। मामले में आगजनी की धारा 436 लगाने के संबंध में भी सुनवाई होना है। शुक्रवार दोपहर 1 बजे तक बम कोर्ट में पेश नहीं हुए। मामले में पहले आरोपियों पर धारा 293, 323, 506,147,148 के तहत केस दर्ज किया था।बता दें केस में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निधि नीलेश श्रीवास्तव ने आरोपियों को 10 मई को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे। फरियादी के धारा 161 में दिए गए बयान को आधार मानते हुए कोर्ट ने खजराना थाना प्रभारी को केस डायरी प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही धारा 428 के तहत अभियुक्तों की अभिरक्षा की अवधि का प्रमाण पत्र भी प्रकरण में संलग्न करने के लिए कहा गया है।फरियादी के वकील मुकेश देवल के मुताबिक प्रकरण पिछले 17 साल से चल रहा है। 24 अप्रैल को मामले की सुनवाई थी। इसमें कोर्ट ने हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाने के निदेश दिए थे। हमने आज कोर्ट में बम की जमानत निरस्त करने के लिए आवेदन लगाया है। उन्हें आज कोर्ट में पेश होना है।ये है पुरा मामला 4 अक्टूबर 2007 को सुबह 10:30 बजे से शाम 4:15 बजे के बीच आरोपियों ने फरियादी यूनुस पटेल के गांव में जाकर उसकी जमीन पर काम कर रहे नौकरों को धमकाया और उनके साथ मारपीट करते हुए वहां कटी हुई रखी सोयाबीन में आग लगा दी थी। फरियादी जब अपने नौकर का मेडिकल परीक्षण करवाकर वापस खेत पर लौटा तो आरोपी कांतिलाल बम, उनके बेटे अक्षय, सतवीर, सुरक्षा गार्ड मनोज, सोनू एवं अन्य 7-8 लोग बंदूक लेकर आए। कांतिलाल ने कहा था कि यही यूनुस गुड्डू है। इसे गोली मारकर जान से खत्म कर दो। सतवीर ने गोली चलाई, लेकिन तभी रिंकू ने यूनुस का हाथ पकड़ कर उसे पीछे से खींच लिया था और गोली यूनुस के पास से निकल गई थी।बता दें कि इंदौर के पूर्व आईजी व उनके पुत्र की सिक्योरिटी एजेंसी को कांतिलाल बम व अक्षय बम ने यूनुस पटेल की जमीन खाली कराने का ठेका दिया था। सतवीर की रिपोर्ट पर यूनुस के खिलाफ पुलिस ने झूठा लूट का प्रकरण दर्ज करा दिया था। झूठे साक्ष्य रचने के कारण यूनुस लूट के प्रकरण से दोषमुक्त हो चुके हैं।फरियादी के धारा 161 में हुए थे बयानफरियादी युनुस के दिनांक 19.10.2007 को धारा 161 के तहत बयान हुए थे। इसमें यूनुस ने कहा था कि, सतवीर सिंह ने मुझ पर गोली चलाई और तभी मेरे साथी रिंकू वर्मा ने हाथ पकड़ कर खींच लिया। जिससे गोली मेरे पास से निकल गई। साक्षी कैलाश, उस्मान ने भी अपने बयान में युनुस पटेल पर गोली चलाने की बात कही थी। पुलिस ने भी घटनास्थल से 1 बारह बोर की बंदूक एवं 1 चला हुआ कारतूस जब्त किया था। इस मामले में अभियुक्तगण कांतिलाल एवं अक्षय जमानत पर हैं। प्रकरण में जब्तशुदा एक बाहर बोर की बंदूक पूर्व से सुपुर्दगी पर है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर में नाम वापसी केस में कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका ऑपरेशन प्रहार” के तहत दो आरोपी गिरफ्तार…