नीमच। निर्मल मूंदड़ा रतनगढ़। गेहूं,चना,सरसों आदि फसलो को फायदा तो अफिम की फसल को भी हुआ आंशिक नुकसानश्रीपुरा ओर घाटी क्षेत्र में अन्नदाता किसानो के माथे पर आई चिंता की लकीरेरविवार व सोमवार को अंचल भर में प्रातः से ही कभी तेज,तो कभी रिमझिम बारिश देर रात तक चलती रही। जिससे बारिश के कारण वातावरण मे अचानक ठंड बढ़ गई।इस बेमौसम मे हुए मावठे के कारण किसानों के खेतों में खड़ी रबी की फसलों गेहूं, सरसों, चना, इसबगोल, मसूर, मैथी आदि फसलों के लिए जहां फायदेमंद बताया जा रहा है।तो वहीं जाट,श्रीपुरा, घाटी, कुतली,रणावत खेडा आदि ग्रामीण क्षेत्र के किसानों के अनुसार इस बारिश से जहां किनोवा सहित कई प्रकार की औषधिय फसलो को भारी नुकसान बताया जा रहा है।वही दूसरी तरफ काले सोने के नाम से प्रसिद्ध बेशकीमती अफीम की फसल के लिए भी यह बारिश का पानी जहर के समान बताया जा रहा है। जिससे क्षेत्र के किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें ऊभर आई है। इस मावठे की बारिश के पानी से आगामी दिनो मे अफीम के पौधों में पीलापन का रोग व गांठ पड़ने की बिमारी होने का पूरा अंदेशा बन गया है। वही लहसुन की फसल में भी नुकसान होने की आशंका है। जिससे किसानों की जेब पर दवाईयों के खर्च का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढने की पूरी संभावना बन गई है।सोमवार व मंगलवार को सुबह से शाम तक दिन भर रुक- रुक कर बूंदाबांदी चलती रही। ग्रामीण क्षेत्रों मे मावठे की बारिश हुई जो रबी की फसलों के लिए अमृत के समान बताई जा रही है।किसानों ने बताया कि नवंबर के अंतिम सप्ताह में मावठा होने से असिंचित भूमि पर बोई गई रबी की फसलों में पैदावारी अच्छी होगी। लंबे समय तक खेतों में नमी बनी रहेगी।युवा काश्तकार सागरमल धाकड़ श्री पुरा,बाबूलाल- लालाराम, कन्हैया लाल-शंकरलाल, भरत-शांतिलाल धाकड, कन्हैयालाल- बद्रीचंद धाकड़ श्रीपुरा, प्रकाश- रामेश्वर धाकड रणावत खेडा सहितजाट के किसानों छितरमल धाकड, यशवंत पुरी, नरेश पाराशर, राधेश्याम धाकड़,मोहम्मद सुलेमान जयपुरी लोहार आदि किसानों ने जानकारी देते हुए बताया कि तेज हवा मे बारिश के कारण औषधि फसल किनोवा की फसल में सबसे अधिक 50% का नुकसान हुआ है। बारिश और हवा एक साथ आने के कारण जिन पौधो मे बीज पकने की कगार पर आ गए थे। वह पूरी तरह से टूट चुके हैं। इस बारिश के कारण लहसुन की फसल भी पत्ते पीले पडने व नुकसान होने की पूरी संभावना है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन अब पायलट मोदी! (व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा) ठंड को देखते हुए इंदौर में भी नर्सरी से पांचवी तक के बच्चों के स्कूल टाइम में बदलाव