प्रतिनियुक्ति होने के बाद रिक्त पद पर शिक्षक नही होने से बच्चो की पढ़ाई होती है चौपट।जिला शिक्षा अधिकारी और डीपीसी के सह पर चलता है पूरा खेल। रीवा। कुशमेन्द्र सिंह। मामला जिला शिक्षा केन्द्र रीवा से सामने आया है जहा पर प्रशासन के निष्क्रियता के चलते जिला शिक्षा केंद्र रीवा के कुर्सी में बैठे ज़िम्मेदार अधिकारी सारे नियम कायदों को दरकिनार कर कलेक्टर रीवा को धोखे में रखकर 03/10/2023 को सीएसी एवं बीएसी के प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया की काउंसलिंग कराई गई थी जबकि काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्ण निष्पक्ष एवं विधि संगत हो, जिसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर रीवा द्वारा सहायक कलेक्टर की मौजूदगी में काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन जिला शिक्षा केंद्र रीवा के जिम्मेदारों द्वारा नियमो को दरकिनार कर काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्ण करायी गयी थी जिसके काउंसलिंग होते ही आरोप प्रत्यारोप लगना शुरू हो गए है। आपको बता दे कि राज्य शिक्षा केंद्र के आदेश अनुसार 4 वर्ष से अधिक समय तक प्रतिनियुक्ति में काम करने वाले शिक्षकों को निरंतर जन शिक्षक यानि सीएसी नहीं बनाना था इसके संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा आदेश जारी किए गए थे कि जो शिक्षक 4 वर्ष से भी अधिक समय से जन शिक्षक यानि सीएसी या बीएसी पद के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर नए सिरे से सीएसी बीएसी को प्रतिनियुक्ति पर रखा जाए।जिसके परिपालन में जिला शिक्षा केंद्र द्वारा विगत दो महीने के अंतराल में तीन बार काउंसलिंग हेतु आदेश जारी किए गए थे इसके बावजूद प्रक्रिया को सही तरीके से पूर्ण न करते हुए अपनो को लाभ पहुचने के एवज में महज खानापूर्ति की गई। सूत्रों की माने तो 3 अक्टूबर 2023 को डायट रीवा में हुई काउंसलिंग प्रक्रिया में जिला शिक्षा केंद्र के जिम्मेदारों के द्वारा पारदर्शिता नहीं बरती गई। हकीकत क्या है ये तो जांच उपरांत ही पता चलेगा। लेकिन रीवा जिले के जवा जनपद शिक्षा केन्द्र में देखा गया है कि कई बीएसी और सीएसी डीपीसी रीवा के रहमो करम से एक ही जगह 7 वर्ष से अधिक समय से प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे है पुराने जन शिक्षकों को हटाने की प्रक्रिया नहीं की गई और उन्ही शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति से हटाए बगैर खाली पद दिखाने की जगह भरा पद दिखाते हुए काउंसलिंग करा दी गई। जिला शिक्षा केंद्र रीवा अंतर्गत जवा के कई जन शिक्षकों को सारे नियम कायदों को दरकिनार कर 4 से 7 वर्ष तक निरंतर जन शिक्षक पद पर रखा गया है। जबकि राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी किए गए नियम अनुसार सीएसी बीएसी की प्रतिनियुक्ति मात्र 4 वर्ष के लिए की जाती है। अगली बार प्रतिनियुक्ति के लिए कम से कम 2 वर्ष की कूलिंग पीरियड का होना अनिवार्य है। लेकिन अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए सारे नियम कायदों को दरकिनार कर कई पुराने सीएसी और बीएसी की प्रतिनियुक्ति समाप्त न करते हुए उन्हें बार बार रखा जाता है। जिसका ताजा उदाहरण रीवा जिले के जवा जनपद शिक्षा केंद्र के पनवार संकुल अंतर्गत मा. शाला उपरवार में अबधेश प्रताप सिंह को सीएसी प्रतिनियुक्ति की गई है लेकिन स्कूल में आज भी पद भरा हुआ है जहा पर एक अतिथि शिक्षिका पूर्व से पढ़ा रही थी जिसे सीएसी के द्वारा यह कह कर हटा दिया गया कि हमारी नियुक्ति उपरवार में है जबकि वो सीएसी है वहा पद खाली है अतिथि शिक्षिका के हटने के बाद बच्चे पढ़ाई से बंचित हो रहे है इसी तरह से चिंतामणि कोल जिनकी नियुक्ति बड़ाछ है सीएसी की प्रतिनियुक्ति हुई है अशोक कुमार पांडे ऊँचाडीह जिनकी प्रतिनियुक्ति हुई है इंद्रलाल वर्मा कुशमैदा जिनकी प्रतिनियुक्ति हुई है दादूलाल मांझी डोड़व जिनकी प्रतिनियक्ति हुई है जो लगभग 7 वर्ष से जनपद शिक्षा केन्द्र जवा में सीएसी के पद पर पदस्थ है ऐसे कई शिक्षक है जिनकी प्रतिनियक्ति होने के बाद 4 से 7 वर्ष से उसी पद पर आसीन है जिनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त नहीं की गई और न ही कूलिंग नियम का पालन किया जा रहा है।सवाल यही की जब जन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति ही समाप्त नहीं की गई तो काउंसलिंग प्रक्रिया कैसे पूर्ण कर ली गई? जबकि शासन के नियमानुसार 4 वर्ष की प्रतिनियुक्ति अवधि पूर्ण करने वाले सीएसी और बीएसी को हटाकर खाली हुए पदों पर काउंसलिंग प्रक्रिया करायी जानी चाहिए। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन पुलिस चौकी खुटार कोतवाली बैढन की लगातार आगानी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अवैध कारोबारियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्यवाही सेमरिया में 158 करोड़ की लागत से माइक्रो सिंचाई परियोजना का हुआ भूमिपूजन।
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