भारत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को संसद के निचले सदन लोकसभा में भारतीय दंड संहिता (IPC) 1860 में सुधार को लेकर विधेयक पेश किया है। उन्होंने इस विषय पर बताया कि आईपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) बिल लेगा। इस बिल में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध को लेकर कड़े प्रावधान है। बिल में किसी महिला से पहचान छिपाकर शादी करने को अपराध कि श्रेणी में रखा गया है, माना जा रहा है कि इस प्रावधान से सरकार लव जिहाद पर नकेल कसने की तैयारी में जुटी हुई हैं। अमित शाह ने कहा, की “महिलाओं के प्रति अपराध और सामाजिक समस्याओं से निपटने के लिए भी प्रावधान किया जा रहा हैं। शादी, रोजगार और प्रमोशन के झूठे वादे या गलत पहचान बताकर जो भी यौन संबंध बनाते थे, उसको अपराध की श्रेणी में पहली बार मोदी सरकार लाने जा रही है.”अमित शाह ने बताया की ,”गैंगरेप के सभी मामलों में 20 साल की सजा या आजीवन कारावास का प्रावधान किया है। 18 साल से कम उम्र की बच्चियों के मामले में मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है.” Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 अगस्त को सागर में करेंगे संत शिरोमणि श्री रविदास जी के मंदिर का शिलान्यास सिंगरौली पुलिस ने सामुहिक विशेष जागरुकता अभियान’द्वितीय चरण का आयोजन है जारी “अभिमन्यु”