“गुरु पूर्णिमा पर विशेष“ “गरीब बच्चों की,पुलिस पाठशाला” हेड कांस्टेबल संजय राठौर की कहानी… इंदौर,प्रधान आरक्षक संजय राठौर खंडवा जिले की तहसील ओमकारेश्वर के ग्राम मथेला के निवासी है। इनकीप्रारंभिक शिक्षा गांव से प्राप्त करने के उपरांत खंडवा से स्नातक एवं इंदौर से एलएलबी एवं विधि में स्नातकोत्तर के साथ एल एल एम तक शिक्षा प्राप्त की वर्ष 1994 में पुलिस विभाग में नौकरी ज्वाइन की,थाना पंढरीनाथ परदेसीपुरा सर्राफा यातायात पश्चिम सिमरोल में सेवा दी। वर्तमान में थाना छत्रीपुरा पर पदस्थ है,नौकरी के साथ विगत 15 वर्षों से नियमित संचालित संजीवनी बालमित्र केंद्र के माध्यम से उपेक्षित बच्चों को अध्ययन अध्यापन कर उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाने का बीड़ा उठाने वाले पुलिसकर्मी प्रधान आरक्षक संजय राठौर जिन्होंने लगभग तीन हजार से अधिक शिक्षा से वंचित बच्चों को आत्म निर्भर बनाकर उनके जीवन में सुंदर बदलाव किया है। शिक्षक का कार्य होता है बच्चों को शिक्षा देकर उनके सुंदर भविष्य को बढ़ाना लेकिन यही काम जब कोई पुलिसकर्मी करें तो एक अलग ही बात होती है। प्रधान आरक्षक संजय राठौर पुलिस विभाग को ज्वाइन करने के पूर्व गांव में औपचारिकेत्तर शिक्षा केंद्र के माध्यम से किसानों के ऐसे बच्चे जो अभाव में पढ़ाई छोड़ चुके होते थे उन्हें केंद्र के माध्यम से पांचवी और आठवीं बोर्ड की परीक्षा दिला कर आगे की कक्षाओं में भर्ती करवाने का पुनीत कार्य करते थेसंजीवनी बाल मित्र केंद्र थाना छत्रीपुरा पर संचालित होता है, एल एल एम तक शिक्षित प्रधान आरक्षक संजय राठौर ने खुद को ऊंचा उठाने के बजाय उपेक्षित बच्चों के सपनों को पूरा करने उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने मैं अपने आप को समर्पित कर दिया! बच्चों को पढ़ने बढ़ने के हौसले के साथ ही स्कूल छोड़ चुके बच्चों को पुनः स्कूलों में भर्ती करवाया जो बच्चे फीस भरने में असमर्थ थे उनकी फीस भी प्रधान आरक्षक द्वारा भरी गई। संसाधन भी जुटाए जिनके माध्यम से उपेक्षित बच्चों को तकनीकी शिक्षा बेसिक कंप्यूटर बेसिक इंग्लिश एवं विशेषकर बच्चों को यहां पर नैतिक शिक्षा देकर एक आदर्श नागरिक बनाने की शिक्षा प्रमुख रूप से दी जाती है। इसके अतिरिक्त उनमें देश प्रेम की भावना जगाने के लिए राष्ट्रप्रेम एवं सांस्कृतिक जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया है , इसके अतिरिक्त बच्चों को रंगाई कढ़ाई मेहंदी पेंटिंग एवं आर्ट एंड क्राफ्ट जूडो कराटे जैसे कई विषयों का अतिरिक्त प्रशिक्षण भी दिया जाता है। सामान्य ज्ञान पर्यावरण एवं हेल्थ विषयों के साथ बच्चों को 1 वर्ष तक विद्याअध्ययन करवाया जाता है, ताकि उनके जीवन में सुंदर बदलाव किया जा सके और उन्हें आदर्श नागरिक बनाया जा सके! हेड कांस्टेबल संजय राठौर यहां पर कचरा बीनने वाले ट्रैफिक सिग्नल पर भिक्षावृत्ति अनाथ उपेक्षित जरूरतमंद और वंचित बच्चों को विद्या अध्ययन हेतु बुलाते हैंअभी तक 3000 से अधिक बच्चों को विद्या अध्ययन करवाया गया है जिनमें से 12 सौ से अधिक बच्चों ने छोटे-छोटे जीवन उन्मुखी , रोजगार प्राप्त किए हैं एवं 1000 से अधिक बच्चों ने आगे की पढ़ाई जारी रखी है एवं 3000 के लगभग बच्चों ने यहां से उत्तम शिक्षा प्राप्त कर आदर्श नागरिक होने का परिचय दिया है! प्रधान आरक्षक संजय राठौर के इस कार्य की सराहना कई मौके पर समाज एवं प्रशासन ने की है। यशस्वी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान साहब ने ईटीवी का 2014 मे पुलिस अवार्ड एवं 2017 मे सुशिक्षा अवार्ड से प्रधान आरक्षक को सम्मानित किया है और इनके कार्य को अद्वितीय माना है इनके कार्य की प्रशंसा की है।वर्ष 2023 में भारत सरकार के केंद्रीय गृहमंत्री ने अति उत्कृष्ट सेवा पदक से प्रधान आरक्षक को सम्मानित किया। यूनिसेफ पर सर क्रिस्टोफर एंथनी ने दुनिया का ऐसा पहला पुलिस स्टेशन छत्रीपुरा बताया, जहां पर ऊपर बच्चों को विधाअध्ययन करवाया जाता है एवं नीचे थाना संचालित होता है। अमेरिका के राजदूत सर थॉमस एल. वाजडा ने स्वयं आकर इस केंद्र की प्रशंसा सुनकर केंद्र का निरीक्षण किया एवं प्रधान आरक्षक संजय राठौर सहित पूरे पुलिस विभाग की इस पुनीत कार्य के लिए प्रशंसा की! इंदौर में प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान भी मारीशस के मेहमानों ने आकर पुलिस के इस कार्य को देखा तथा मुक्त कंठ से प्रशंसा की, कहा कि हमने पुलिस को ऐसा काम करते कहीं नहीं देखा।जिस प्रकार कुंभकार कच्ची मिट्टी को तपाकर उसके विकारों को दूर करता है। ठीक उसी प्रकार एक प्रधान आरक्षक ने भी उपेक्षित बच्चों के अवगुणों को दूर कर काबिल बनाया है। एक शिक्षक ही है जो मनुष्य को सफलता की बुलंदियों तक पहुंचाता है और जीवन में सही गलत को परखने का तरीका सिखाता है। जैसे एक मजबूत भवन के लिए पक्की नींव जरूरी है, वैसे ही हमें बेहतर जीवन के लिए शिक्षक का सानिध्य और मार्गदर्शन जरूरी है। शिक्षक छात्र के जीवन को मूल्यवान बनाता है। शिक्षक समाज में नैतिक मूल्यों और आदर्श नागरिकों का निर्माण करते हैं। हेड कांस्टेबल संजय राठौर ने इस कार्य को अपने जीवन का पवित्र उद्देश्य बनाकर समाज और पुलिस के बीच एक बेहतर उदाहरण प्रस्तुत किया है। और पुलिस विभाग की उजली छवि प्रस्तुत की है। न्यूज नेशनल वर्ल्ड टीम सम्मानीय प्रधान आरक्षक संजय राठौर के इस कार्य की सराहना करते हैं। सम्मान समारोह के समय उपस्थित जन. एएसआई उमाकांत, एएसआई खुमसिंह, एएसआई कुवरसिंह, कॉन्स्टेबल राजेंद्र, एवम न्यूज़ नेशनल वर्ल्ड टीम से अंकुल प्रताप सिंह बघेल,सोनू मौर्य, पवन वर्मा, पप्पू वर्मा. Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नौकरी का मोह छोड़, स्टार्टअप के पीछे दौड़! कैसी पुलिस कमिश्नरी?, बढ़ते अपराधों पर अंकुश क्यों नहीं?