बेबाक कलम…. अंकुल प्रताप सिंह,,,समर्थन…पूरे पुलिस महकमे पुलिस द्वारा अपने सोशल मीडिया की प्रोफाइल पर डीपी का उपयोग किया जा रहा हैपुलिस प्रशासन का सिपाही हो या अधिकारी सभी ने अपनी डीपी पर “खाकी का भी तो मान है ना.” डीपी लगा कर विरोध जताया है । दरअसल मामला कुछ दिन पूर्व बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद द्वारा प्रदर्शन पर लाठीचार्ज को लेकर हुई पुलिस अधिकारियो पर कार्यवाही का है। जिसके बाद एक वीडियो सामने आया जिसमें देखा गया कि हिंदू संगठनों द्वारा विरोध किया गया था, जिसमें एक संगठन द्वारा पत्थरबाजी झूमा झटके, डीसीपी की कालर को पकड़ना साफ दिखाई दे रहा है।और यह वीडियो तेजी से वायरल भी हुआ।सवाल भी उठता है कि “खाकी”अपने ऊपर और अपने अधिकारियों पर इस प्रकार के अत्याचार होते हुए चुप नहीं रह सकती थी इसलिए जब खाकी की आन बान शान पर बात आ गई तो लाठीचार्ज किया। और क्या गलत किया जब माहौल को सुधारने का काम होता है तब पुलिस अपनी लाठी का उपयोग करती है इसमें कोई दो राय नहीं है,यहाँ भी कुछ स्थिति ऐसी ही हो गयी थी। जिससे पुलिस प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा ।कुछ असामाजिक तत्वों की मनमानी की वजह से आज पुलिस विभाग भी उनकी द्वारा बिछाए गए षड्यंत्र में फंसते जा रहे हैं। और जब बात स्वाभिमान की आ जाए, खाकी की आन बान शान किया आ जाए तो विरोध तो बनता है।हालाकि पुलिस के द्वारा यह विरोध प्रदर्शन पहली बार देखने को मिला है।लेकिन अब इस विरोध प्रदर्शन मे शहर की जनता भी जुड़ने लगी है,और अपनी डीपी मे “खाकी का भी तो मान है ना” लगा कर इंदौर पुलिस का सपोर्ट कर रही हैं । जय हो Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन आबकारी विभाग रीवा के निष्क्रियता के चलते तराई क्षेत्र में खुलेआम हो रही पैकारी। यह कैसी किसान हितेषी सरकार ,पिछले 4 साल से भावांतर राशि के इंतजार में हैं प्रदेश के हजारों किसान