शहडोल। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा के साथ ही मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध अमृता हॉस्पिटल के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। बता दें कि, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उत्कृष्ट कार्य के लिए हॉस्पिटल ने वार्षिक पर्यावरण पुरस्कार प्राप्त किया है। चिकित्सालय श्रेणी में प्रथम पुरस्कार (1 लाख) के लिए चयनित इस हॉस्पिटल को विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह अवार्ड डायरेक्टर विनम्र जैन को प्रदान किया है।मध्यप्रदेश शासन वार्षिक पर्यावरण पुरस्कार नौ अलग-अलग श्रेणियों में प्रदान करता है। चिकित्सालय श्रेणी में प्रदेश भर से दो हॉस्पिटल को यह पुरस्कार मिलता है। पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के सराहनीय कार्यों की वजह से वर्ष 2021-22 के वार्षिक पर्यावरण पुरस्कार के लिए शहडोल जिले के अमृता हॉस्पिटल का चयन किया गया है।तीन एकड़ का ग्रीन कैंपसनेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) से प्रमाणन प्राप्त इस हॉस्पिटल का तीन एकड़ का ग्रीन कैंपस है। हॉस्पिटल में 50 केएलडी का एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित है। इसके माध्यम से अलग-अलग वार्डों, चिकित्सा कक्ष, वेटिंग एरिया आदि में इस्तेमाल होने वाले पानी (अपशिष्ट जल) को उपचारित कर संग्रहित किया जाता है। बाद में इस पानी का इस्तेमाल गार्डन की सिंचाई में किया जाता है। इससे शुद्ध पेयजल की बचत होती है। इसी तरह हॉस्पिटल से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट के कलेक्शन और निस्तारण में भी सभी मापदंडों का पालन किया जाता है।सेवा और स्वच्छता हमारी पहचान: डाॅ. जैनहॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. विनम्र जैन ने बताया कि, सेवा और स्वच्छता हमारी प्राथमिकता व पहचान है। गुणवत्तापूर्ण उपचार पर हमारा जितना फोकस है, उतनी ही प्रतिबद्धता प्रदूषण नियंत्रण को लेकर है। वार्षिक पर्यावरण पुरस्कार यह दर्शाता है कि, हमारे अस्पताल ने कड़े मापदंडों को पूरा किया है। रोगी देखभाल, सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रदूषण नियंत्रण के मामले में हॉस्पिटल में बेहतर काम हो रहा है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन आयुष्मान कार्ड में हो रहा फर्जीवाड़ा: कलेक्टर से इसे रोकने की मांग करते हुए भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने लिखा पत्र नशे के कारोबार पर कार्रवाई लगातार: गोहपारू पुलिस ने गांजा की खेती करते फिर एक आरोपी को पकड़ा, एनडीपीएस एक्ट के तहत पहुंचाया सलाखों के पीछे