भाजपा समर्थित उपाध्यक्ष का यह हाल, तो जनता जनार्दन होगी बेहाल!शहडोल। जिले की जनपद पंचायत बुढ़ार अपने नित नये कारनामों और भ्रष्टाचार को लेकर आये दिन सुर्खियों में रहता है। उक्त जनपद में पदस्थ सीईओ मुद्रिका सिंह पटेल पर जनपद क्षेत्र में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने, सूचना अधिकार की धज्जियां उड़ने सहित नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अनदेखी व अपमानित किए जाने से कई तमाम आरोप लगाए जाते रहे हैं।वर्तमान में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। एक बार फिर सीईओ पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों अनदेखी और लापरवाही का आरोप लगा है। दरअसल, मंगलवार को जनपद के निर्वाचित युवा उपाध्यक्ष (भाजपा समर्थित) हर्षप्रताप सिंह कार्यालय पहुंचे। पहुंचते ही उन्हें पूरे कार्यालय परिसर में धूल और गंदगी दिखी। इतना ही नहीं जब वो अपने कक्ष में पहुंचे, तो वहां भी कुछ ऐसा ही आलम देखने मिला।सीईओ व भाजपा पर तंज कस रहे लोगउन्होंने नराजगी जताई और खुद ही हाथ में झाड़ू पकड़ वह अपने कक्ष की सफाई करने लगे। उन्हें इस तरह कक्ष में झाड़ू लगाता देख, उपस्थित लोगों ने यह नजारा कैमरे में कैद कर लिया। अब सोशल मीडिया में भाजपा समर्थित इस युवा उपाध्यक्ष का विडियो वायरल हो रहा है। जिसे लेकर न केवल जनपद सीईओ बल्कि भाजपा पर भी तंज कसा जा रहा है। लोगों का कहना है कि, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में स्वच्छता की अलख जगाकर, करोड़ों खर्च कर रहे हैं।कार्यालय स्वच्छता से अछुता, कागजों में लाखों खर्चवहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश में भाजपा की शिवराज सरकार में शहडोल जिले के बुढ़ार जनपद पंचायत में स्वच्छता को लेकर घोर लापरवाही बरती जा रही है। हां यह बात अलग है कि, स्वच्छता के नाम पर यहां लाखों का बजट कागजों में अंकित कर दिया जाता है। जब मुख्य कार्यालय में ही स्वच्छता की अनदेखी खुलेआम हो रही है। तो क्षेत्र में स्वच्छता के मायने क्या होंगे? यह अपने आप में ही एक बड़ा प्रश्न है।यह कहा जनपद उपाध्यक्ष ने… मैं लगभग 12 बजे कार्यालय पहुंचा। जहां विभिन्न स्थानों पर धूल और गंदगी दिखी। अपने कक्ष में पहुंचा, तो वहां भी कुछ ऐसा ही नजारा रहा। सफाई के लिए कर्मचारियों को आवाज दी, मगर वह नजारत रहे। मैं साफ-सफाई पसंद व्यक्ति हूं। इसलिए खुद ही झाड़ू लेकर अपने कमरे को साफ करने लगा। यह पहली बार नहीं है, बल्कि आए दिन यह समस्या कार्यालय में व्याप्त रहती है।जिसको लेकर सीईओ को भी संज्ञान दिलाया जाता रहा। लेकिन, स्थिति आज भी जस की तस ही बनी हुई है। जनप्रतिनिधियों के कक्ष धूल से सने रहते हैं। लोगों के बैठने के लिए रखी गई कुर्सियां बैठने योग्य नहीं रहती हैं। वहीं दूसरी ओर सीईओ साहब का कमरा प्रतिदिन चकाचक रहता है।तीन साल से डटे हैं साहब…उपाध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के इस बयान से यह तो साफ है कि, करीब 3 सालों से यहां पदस्थ सीईओ अपनी मनमानी पर उतारू हैं और तो निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अनदेखी करने से भी कोई गुरेज नहीं करते। आरोप यह भी है, कई आवश्यक बैठकों सहित विभिन्न कार्यक्रमों में भी जनप्रतिनिधियों को सीईओ उपेक्षित व अपमानित करते रहे हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन गीता सिंह को अंग्रेजी विषय में मिली प्रथम शोध उपाधि, लोगों ने दी बधाई ग्राम जाट,दौलतपुरा व ग्वालियर क्षेत्र की सड़के हुई खस्ताहाल, सड़क के बीचो बीच बड़े-बड़े गड्ढों से राहगीरों के हाल बेहाल