यूपीएससी 184वीं रैंक का सच आया सामने, 23 मई 2022 का सिविल सेवा का आयोग ने परिणाम किया था जारी आलीराजपुर की आयशा पर होगी कानूनी कार्रवाई. आलीराजपुर,संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा के परिणाम में दो हैरत में डालने वाले दावों को लेकर उठा विवाद अब सुलझ गया है। आयोग ने साफ कर दिया है कि देवास की आयशा फातिमा का 184वीं रैंक पर चयन को लेकर दावा सही है,और आलीराजपुर की आयशा मकरानी का दावा गलत पाया गया है। आयोग ने कहा है कि इसे लेकर आयशा मकरानी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 23 मई को आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 का परिणाम जारी किया था। इसके बाद आलीराजपुर की आयशा मकरानी ने दावा किया था कि उनका चयन 184वीं रैंक पर हुआ है। आयशा ने इंटरव्यू के प्रवेश पत्र में अपना रोल नंबर 7811744 बताया था।जबकिइसी बीच यह बात सामने आयी कि देवास कि आयशा फातिमा की भी यही रैंक और यही रोल नंबर है। एक ही रैंक पर दो दावों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। अब आयोग ने साफ कर दिया है कि देवास की आयशा फातिमा के दस्तावेज सही पाए गए हैं,और आलीराजपुर की आयशा की ओर से झूठा दावा प्रस्तुत किया गया था।आयोग के खुलासे से पहले ही आलीराजपुर की आयशा मकरानी के प्रवेश पत्र को लेकर सवाल उठ रहे थे। आयशा मकरानी ने जो प्रवेश पत्र पेश किया था, उस पर क्यूआर कोड नहीं था। वहीं इंटरव्यू के लिए जो दिन लिखा गया, वह भी गलत था। फिर भी आयशा मकरानी के स्वजन लगातार दावे कर रहे हैं कि वे सही हैं और मामले को कोर्ट तक लेकर जाएंगे। प्रवेश पत्र को लेकर पहले ही उठ रहे थे सवालआयोग के खुलासे से पहले ही आलीराजपुर की आयशा मकरानी के प्रवेश पत्र को लेकर सवाल उठ रहे थे। आयशा मकरानी ने जो प्रवेश पत्र पेश किया था, उस पर क्यूआर कोड नहीं था। वहीं इंटरव्यू के लिए जो दिन लिखा गया, वह भी गलत था। इस बीच आयशा मकरानी के स्वजन लगातार दावे करते रहे कि वे सही हैं और मामले को कोर्ट तक लेकर जाएंगे। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर मध्य प्रदेश राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान। आये क्यों थे – गए किसलिए, के प्रश्नों में घिरे रहे 2000 के नोट, जो अब हैं भी, नहीं भी!!