रीवा। कुशमेंद्र सिंह। बिना मापदंड के कई स्कूलों को दिया गया है मान्यता 4 से 6 कमरों में संचालित है स्कूले। नही दिख रहा कही भी खेल के मैदान। हम बात करने जा रहे है रीवा जिले शिक्षा विभाग की जहा पर पैसे के दम पर बीआरसीसी के अनुमोदन पर बिना जांच किये ही हर वर्ष सैकड़ो स्कूलों को मान्यता देने का गोरखधंधा तेजी से किया जाता है जिसकी कई बार खबर भी प्रकाशित हो चुकी है यहा तक की शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार पर जिला पंचायत रीवा के बैठक में जिला पंचायत सदस्यों के द्वारा BRCC के भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया जा चुका है लेकिन कोई देखने, सुनने और जांच करने वाला नही है बल्कि कुछ दिनों तक मुद्दा सुर्खियों में रहता हैइसके बाद संबंधित अधिकारी के पास मामला जाते ही 4 से 10 दिन में मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। इसी कड़ी में हम जनपद शिक्षा केंद्र जवा की बात कर रहे है जहा पर देखा गया है कि BRCC शिवाकांत गौतम के द्वारा कई स्कूलों को मान्यता देने हेतु अनुमोदन किये गए और डीपीसी रीवा से मान्यता भी मिल गयी है जबकि आज भी जांच की जाए तो सैकड़ो ऐसे स्कूल मिल जायेंगे जो मापदंड को पूर्ण नही कर रहे है, कुछ स्कूल तो 4 से 6 कमरे में संचालित है जिनमे अलग अलग लैट्रिन बाथरूम नही है, खेल का मैदान नही है योग्य शिक्षक नही है सहित अन्य शिक्षा की सुविधाएं नही है फिर भी मान्यता दी गयी है जिसकी आज भी जांच की जाए तो हकीकत सामने आ सकती है।जिसकी सही जांच हेतु जिला कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराना चाह रहे है कि शिक्षा विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की जाए।वही डीपीसी देवकरण मिश्रा का कहना है बीआरसीसी के अनुमोदन पर मान्यताएं दी जाती है यदि कही भी ऐसी मान्यताये दी गयी है तो उसकी जांच कर मान्यता को रद्द किया जा सकता है और संबंधित अधिकारी के ऊपर कार्यवाही भी की जा सकती है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन रिवर पार्क में धूमधाम के साथ निकाली गयी वार्षिक रथयात्रा झूठे आबकारी प्रकरण में फसाने पर निष्पक्ष जांच हेतु एसपी रीवा को दिया गया आवेदन।