श्री भक्तामर स्तोत्र महामंडल विधान में 2688 बीजाक्षर का उच्चारण एवम 48 सर्व मंगलकारी कलशों की होगी स्थापना शुद्ध व्रती आहारशाला, आचार्य शांतिसागर जी व्रती निवास के साथ-साथ कुंडलपुर से आयी 11 भव्य प्रतिमाओं से सुशोभित है श्री भक्तामर तीर्थ बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन। बागपत के बड़ागांव में मां मनसा देवी मन्दिर वाले रास्ते के निकट नवनिर्मित श्री भक्तामर तीर्थ में 22 अप्रैल 2023 अक्षय तृतीया से 48 दिवसीय श्री भक्तामर स्तोत्र महामंडल विधान प्रारम्भ होंगे, जिसमें 2688 बीजाक्षर का उच्चारण एवम 48 सर्व मंगलकारी कलशों की स्थापना होगी। श्री भक्तामर तीर्थ के संस्थापक व्रती अभिमन्यु जैन एवम व्रती प्रियंका जैन गाजियाबाद वालो ने बताया कि श्री भक्तामर तीर्थ बड़ागांव में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मंगल आर्शीवाद से कुंडलपुर से 11 भव्य प्रतिमाएं लाकर स्थापित की गयी है और विद्यासागर महाराज के आर्शीवाद से श्री भक्तामर तीर्थ में निर्माण कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। वर्तमान में आचार्य शांतिसागर जी व्रती निवास एवं शुद्ध व्रती आहारशाला भी श्री भक्तामर तीर्थ में सुचारू रूप से संचालित है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नगीनचन्द जैन को किया गया दानवीर व स्यादवाद रत्न की उपाधि से अलंकृत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ललियाना में इस्टर पर्व