ITBP महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के कथित बयान के बाद रक्षा तैयारियों को लेकर उठे सवाल, कांग्रेस ने अग्निवीर योजना और सैन्य आधुनिकीकरण पर साधा निशानानई दिल्ली। चीन की बढ़ती सैन्य और तकनीकी क्षमताओं के बीच भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और रक्षा तैयारियों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के नाम से सामने आए बयान में कहा गया है कि चीन काफी आगे निकल गया है और उसका मुकाबला पारंपरिक तरीकों से करना कठिन है। इस बयान को लेकर रक्षा तैयारियों और आधुनिक तकनीक में निवेश पर चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगाए आरोपइस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में पर्याप्त निवेश और सैन्य आधुनिकीकरण पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। पार्टी ने अग्निवीर योजना पर भी सवाल उठाते हुए इसे सेना की मजबूती से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।कांग्रेस का आरोप है कि जब भारतीय सेनाओं को राजनीतिक नेतृत्व से समर्थन और प्रोत्साहन की आवश्यकता थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन को लेकर अपने बयानों और चीनी नेतृत्व के साथ संबंधों के मामले में उचित सख्ती नहीं दिखा पाए। पार्टी ने चीन के राष्ट्रपति के स्वागत और चीन को लेकर दिए गए बयानों का उल्लेख करते हुए सरकार की चीन नीति पर सवाल उठाए।सेना के आधुनिकीकरण पर चर्चा जरूरीचीन की सैन्य क्षमताओं, आधुनिक हथियारों, तकनीकी विकास और सीमा पर बुनियादी ढांचे को देखते हुए भारतीय रक्षा तैयारियों को लगातार मजबूत करना महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ में रक्षा उपकरणों की खरीद, स्वदेशी तकनीक, सैनिकों के प्रशिक्षण और आधुनिक युद्ध प्रणालियों में निवेश जैसे विषय चर्चा के केंद्र में हैं।हालांकि, ITBP महानिदेशक के नाम से प्रसारित बयान का मूल स्रोत और पूरा संदर्भ स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया जाना आवश्यक है। इसी तरह, रक्षा बजट, सैन्य आधुनिकीकरण और अग्निवीर योजना के प्रभाव का आकलन आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।चीन की चुनौती के बीच अहम सवालचीन की बढ़ती क्षमताओं के बीच भारत की रक्षा तैयारियों को किस तरह मजबूत किया जा रहा है और सैन्य आधुनिकीकरण की योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्या प्रभाव पड़ा है, यह महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। वहीं, कांग्रेस के आरोपों पर केंद्र सरकार का पक्ष और संबंधित आधिकारिक आंकड़े भी इस बहस को समझने के लिए अहम होंगे। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मध्य प्रदेश में सरकारी खरीद पर सवाल, ₹1,134 करोड़ के खर्च में ₹250 करोड़ की संभावित बचत का दावा इंदौर: रेड लाइट जंप करने पर रोका, छड़ी के अंदर मिली धारदार गुप्ती