देवास और इंदौर में एक साथ पहुंची लोकायुक्त की टीमें, आय से 223 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने का प्रारंभिक जांच में दावा इंदौर/देवास। प्रदीप चौधरी। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के आवास और अन्य ठिकानों पर सर्चिंग की कार्रवाई शुरू की है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को सुबह 6 बजे लोकायुक्त इंदौर एवं उज्जैन की संयुक्त टीमों ने देवास और इंदौर में कुल 15 स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की जा रही है। लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन में, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह एवं लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। सर्चिंग के लिए आठ अधिकारियों सहित पुलिस बल को अलग-अलग टीमों में तैनात किया गया। प्रारंभिक जांच में 6.26 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा लोकायुक्त को दी गई शिकायत के अनुसार, प्रधान आरक्षक फिरोज खान पर अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वे पुलिस विभाग में पदस्थ होने का प्रभाव बताकर देवास क्षेत्र में विवादित जमीनों, प्लॉटों और संपत्ति संबंधी मामलों में हस्तक्षेप करते थे। इसके अलावा, अन्य व्यक्तियों के माध्यम से जमीनों के लेन-देन में शामिल होने, लकड़ी का कारोबार करने तथा परिजनों और परिचितों के नाम पर संपत्तियां खरीदने के आरोप भी लगाए गए हैं। लोकायुक्त के अनुसार, उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान के माध्यम से कराई गई जांच में आरोपी की कई संपत्तियों की जानकारी सामने आई। प्रारंभिक आकलन में आरोपी को वेतन से लगभग 75 लाख रुपये की आय प्राप्त होना बताया गया है। अन्य आय को मिलाकर कुल आय 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार 440 रुपये आंकी गई है। इसके मुकाबले अब तक की जांच में लगभग 6 करोड़ 26 लाख 67 हजार 879 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति होने का दावा किया गया है। लोकायुक्त के आकलन के अनुसार, यह राशि ज्ञात आय से लगभग 223 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इन तथ्यों की आगे की जांच और सर्चिंग के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन की कार्रवाई जारी है। जमीन के सौदे में परिचित महिला की भूमिका की भी जांच शिकायत में ग्राम गुरान, तहसील सांवेर में कृषि भूमि को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इस विवाद के दौरान फिरोज खान ने अपनी परिचित महिला रोशनी वर्मा के नाम पर आवेदक के पिता से लगभग 21.75 बीघा कृषि भूमि का पंजीकृत अनुबंध कराया। लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में उक्त भूमि की खरीद में फिरोज खान की कथित भूमिका सामने आने की बात कही गई है। इसी आधार पर रोशनी वर्मा की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में उनके नाम से रोशनी सेल्स एंड सर्विस नामक फर्म संचालित होने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा, आरोपी की माता और पत्नी के नाम पर साहिल ट्रेडिंग कंपनी फर्म होने तथा उसके खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन की जानकारी मिलने का उल्लेख किया गया है। फिरोज खान द्वारा रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट नामक फर्म के माध्यम से रियल एस्टेट में निवेश किए जाने की बात भी प्रारंभिक जांच में सामने आई है। इन सभी लेन-देन और संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व की जांच की जा रही है। इंदौर और देवास में कहां-कहां हो रही सर्चिंग? लोकायुक्त की टीमों ने आरोपी के देवास स्थित आवास, इंदौर में विभिन्न फ्लैटों और अन्य संपत्तियों के साथ कृषि एवं व्यावसायिक भूमि पर तलाशी शुरू की है। कार्रवाई में शामिल प्रमुख स्थान इस प्रकार हैं: देवास: आदर्श नगर स्थित आरोपी का आवास और उससे संबंधित अन्य मकान। इंदौर: बाणगंगा क्षेत्र में रोशनी वर्मा का कथित निवास, मनोरमा अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 102 और 202 तथा श्रीदेवी अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 505। देवास की कॉलोनियां: पुष्पकुंज कॉलोनी, विजय नगर कॉलोनी और इंदिरा गांधी नगर में स्थित भूखंड एवं भवन। कृषि भूमि: देवास जिले के गजीपुरा, जेतपुरा और गद्दूखेड़ी सहित अन्य स्थानों की जमीनें। सांवेर तहसील: ग्राम गुरान में विभिन्न सर्वे नंबरों पर दर्ज कृषि भूमि। लोकायुक्त की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कुल 15 स्थानों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें इंदौर के चार और देवास के 11 स्थान शामिल हैं। आठ अधिकारियों के नेतृत्व में कार्रवाई देवास में तलाशी अभियान का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान और उप पुलिस अधीक्षक दीपक सेजवार कर रहे हैं। इनके साथ निरीक्षक सचिन पटेरिया, निरीक्षक राजेन्द्र वर्मा और निरीक्षक प्रतिभा तोमर सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं, इंदौर में उप पुलिस अधीक्षक आनंद चौहान, उप पुलिस अधीक्षक दिनेशचंद्र पटेल और निरीक्षक आशुतोष मिठास की टीम तलाशी की कार्रवाई कर रही है। अभियान में सहायक उप निरीक्षकों, प्रधान आरक्षकों, आरक्षकों, वाहन चालकों और अन्य कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। सर्चिंग के बाद सामने आ सकते हैं अहम दस्तावेज लोकायुक्त की यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और कथित तौर पर अन्य व्यक्तियों के नाम पर संपत्तियां खरीदने के आरोपों की जांच का हिस्सा है। तलाशी के दौरान संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सिटी कोतवाली पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा की बिक्री करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल इंदौर में एमडी ड्रग्स तस्करी मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच ने मयंक उर्फ कृष्णा को पकड़ा