2018 के किसान जनआंदोलन से जुड़े प्रकरण में एमपी/एमएलए न्यायालय का फैसलाइंदौर। प्रदीप चौधरी। वर्ष 2018 में किसानों और आमजन की समस्याओं को लेकर किए गए जनआंदोलन से जुड़े करीब आठ साल पुराने मामले में इंदौर की एमपी/एमएलए न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल सहित सभी आरोपियों को आरोपों से बरी कर दिया।मामला वर्ष 2018 में तत्कालीन भाजपा सरकार के खिलाफ किसानों और आम जनता की विभिन्न मांगों को लेकर इंदौर कलेक्टर कार्यालय के समक्ष किए गए धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल और जनआंदोलन से जुड़ा था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से जूनी इंदौर थाने में IPC की धारा 188 सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।करीब आठ वर्षों तक न्यायालय में चले इस मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल और उनके साथियों को प्रकरण में बरी कर दिया।वरिष्ठ अधिवक्ता ने की पैरवीमामले में किसानों और नेताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमरसिंह राठौर ने पैरवी की। न्यायालय के फैसले के बाद पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल, पोपसिंह मालवीय, संतोष जाट, आदित्य अग्निहोत्री सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।फैसले का समर्थकों ने स्वागत किया। उनका कहना है कि किसानों और आमजन की समस्याओं को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले आंदोलन से जुड़े मामले में अदालत का निर्णय राहत देने वाला है।आठ साल बाद मिली कानूनी राहतइस फैसले के साथ वर्ष 2018 में दर्ज यह प्रकरण करीब आठ साल बाद समाप्त हो गया। हालांकि, अदालत के फैसले के सटीक कानूनी आधार और आदेश की विस्तृत जानकारी के अनुसार ही आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सुप्रसिद्ध सिंगर तपस्या ठाकुर के पहले सिंगिंग शो में सुरों ने जीता सभी का दिल हिंदवी स्वराज्य सेना में नई नियुक्तियां, रवि वर्मा संभागीय अध्यक्ष और सपना चौहान महिला परिषद की अध्यक्ष बनीं