लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यहां सवाल पूछे जा सकते हैं और हर विचार पर बहस की जा सकती है। लेकिन आज का राजनीतिक माहौल बार-बार यह सवाल खड़ा करता है कि क्या हमारी संवेदनाएं अब व्यक्ति और विचारधारा देखकर तय होने लगी हैं?देश में जब महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी या अन्य राष्ट्रीय महापुरुषों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां होती हैं, उनकी प्रतिमाओं से छेड़छाड़ होती है या राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर विवाद सामने आते हैं, तब अक्सर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं एक जैसी नहीं दिखतीं। दूसरी ओर, जब किसी वर्तमान राजनीतिक नेता या सरकार की आलोचना होती है, तो कई बार तीखी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।यही असमान प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर भी बहस का विषय बनी हुई है। कुछ लोग इसे राजनीतिक दोहरा मापदंड मानते हैं, जबकि अन्य इसे अलग-अलग परिस्थितियों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में देखते हैं।लोकतंत्र में सत्ता से सवाल पूछना नागरिक का अधिकार है। उसी तरह राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान और महापुरुषों की गरिमा बनाए रखना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी व्यक्ति, विचारधारा या दल के आधार पर संवेदनाओं का अलग-अलग पैमाना लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर सकता है।जरूरत इस बात की है कि कानून का पालन और सामाजिक मर्यादा सभी के लिए समान हो। महापुरुषों का सम्मान हो, राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनी रहे और सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछने का लोकतांत्रिक अधिकार भी सुरक्षित रहे। एक स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान यही है कि वहां सम्मान और आलोचना—दोनों के लिए समान मानदंड हों, न कि अलग-अलग राजनीतिक चश्मे। हाल ही में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रिधिका शर्मा का एक वीडियो विवादों में आया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के लिए कथित रूप से अपमानजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने इस बयान की निंदा करते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की, जबकि इस घटना ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, महापुरुषों के सम्मान और सार्वजनिक विमर्श की मर्यादा को लेकर नई बहस छेड़ दी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ऑपरेशन ‘हमदर्द’ बना मानवता की मिसाल, जीआरपी ने एक माह में 665 जरूरतमंदों को दी नई उम्मीद ई-रिक्शा में लाखों की चोरी का खुलासा, अंतरराज्यीय गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार