इंदौर। रेलवे स्टेशनों पर निराश्रित, असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए जीआरपी इंदौर द्वारा चलाया गया ‘ऑपरेशन हमदर्द’ मानवता की मिसाल बनकर सामने आया है। एक जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चले इस विशेष अभियान में जीआरपी ने 665 जरूरतमंद लोगों का डिजिटल डोजियर तैयार कर उनके पुनर्वास, संरक्षण और परिजनों से मिलाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया।अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल राजाबाबू सिंह के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक रेलवे इंदौर यशपाल सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में संचालित अभियान के दौरान रेलवे स्टेशनों पर रह रहे निराश्रित, परित्यक्त, भिक्षावृत्ति में संलिप्त, मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों और असुरक्षित बच्चों की पहचान कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।अभियान के दौरान जीआरपी इंदौर, उज्जैन, गुना और नागदा की टीमों ने कई मानवीय कार्य किए। लावारिस और असहाय बच्चों को रेस्क्यू कर बाल संरक्षण संस्थाओं तक पहुंचाया गया। 80 वर्षीय लापता वृद्ध को उनके परिजनों से मिलवाया गया। निराश्रित वृद्ध महिला और वृद्ध पुरुष को वृद्धाश्रम में सुरक्षित आश्रय दिलाया गया। बिछड़े बालक को उसकी मां से मिलाने के साथ ही मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती और एक अन्य महिला को भी सुरक्षित संरक्षण केंद्र एवं परिजनों तक पहुंचाया गया।जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ। रेलवे परिसरों को सुरक्षित, संवेदनशील और व्यवस्थित बनाने के इस प्रयास की आमजन एवं परिजनों ने भी सराहना की है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज, इंदौर-खंडवा-ओंकारेश्वर मार्ग का पुलिस ने किया निरीक्षण बेबाक: आस्था, महापुरुष और सत्ता—क्या हमारी संवेदनाएं चुनिंदा हो गई हैं?