हाईकोर्ट के पूर्व जज व पूर्व PSC चेयरमैन ने विजिटर बुक में दर्ज की तारीफ, कहा- “अगर सरकार यह मॉडल अपनाए तो बदल जाएगी पुलिस की छवि” बड़वानी : प्रदीप चौधरी। आम जनमानस में पुलिस थानों को लेकर अमूमन भय और तनाव का माहौल रहता है, लेकिन बड़वानी के सेंट्रल कोतवाली थाने ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। रविवार (02 अगस्त) को बड़वानी प्रवास पर आए प्रदेश की उच्चस्तरीय हस्तियों—रियल एस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल भोपाल के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. के. द्विवेदी, पूर्व CPCB व MPPSC चेयरमैन प्रो. (डॉ.) एस. पी. गौतम तथा राजभवन भोपाल की विषय विशेषज्ञ दीपमाला रावत ने कोतवाली थाने का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तीनों अतिथियों ने थाने के स्वच्छता, सुव्यवस्थित वातावरण और जन-संवेदनशील नवाचारों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। दस्तावेजों का रखरखाव व इंटीरियर देख चौंके जस्टिस द्विवेदी थाना परिसर और कार्यप्रणाली का अवलोकन करने के बाद विजिटर बुक में अपने विचार साझा करते हुए जस्टिस बी. के. द्विवेदी ने लिखा कि “थाने की आंतरिक व्यवस्था (इंटीरियर), स्वच्छता और फाइलों/दस्तावेजों का सुव्यवस्थित रखरखाव देखकर मैं हैरान रह गया। अंग्रेजों के जमाने से आम जनता के मन में थानों की छवि खौफनाक रही है, लेकिन यदि मध्य प्रदेश सरकार बड़वानी कोतवाली के इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करती है, तो यह जनता की नजर में पुलिस की छवि बदलने वाला एक ‘चमत्कारी विचार’ (Miraculous Idea) साबित होगा।” उन्होंने इस सराहनीय प्रयास के लिए बड़वानी एसपी श्री पदम विलोचन शुक्ल की इनोवेटिव सोच की तारीफ की। पूरे राज्य के लिए अनुकरणीय मॉडल: डॉ. एस.पी. गौतम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं एमपी-पीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एस. पी. गौतम ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि “बड़वानी का कोतवाली थाना पूरे मध्य प्रदेश के लिए एक ‘मॉडल थाना’ कहा जा सकता है। इस प्रकार का अनुकरणीय वातावरण तैयार करने और मॉडल कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी तथा एसपी श्री पी.बी. शुक्ल विशेष बधाई के पात्र हैं।” पीड़ित की आधी पीड़ा परिसर में ही खत्म: दीपमाला रावत राजभवन भोपाल (जनजातीय प्रकोष्ठ) की विषय विशेषज्ञ दीपमाला रावत ने विजिटर बुक में लिखा कि “थाना एक ऐसा स्थान है जहाँ व्यक्ति अपनी पीड़ा की चरम सीमा पर पहुँचने के बाद आता है। यदि थाने में प्रवेश करते ही पीड़ित को इतना अनुकूल और संवेदनशील वातावरण मिले, तो उसकी आधी पीड़ा वहीं समाप्त हो जाती है। जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र में बड़वानी पुलिस का यह नवाचार समस्त जिलों के लिए प्रेरणास्रोत है।” Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ‘विकसित भारत @2047’ पर बड़वानी पुलिस की युवा संसद, हवालात में प्रेरक चित्रांकन बना आकर्षण गर्लफ्रेंड को इम्प्रेस करने के लिए चुराई कार, दो शातिर चोर गिरफ्तार
You must be logged in to post a comment.