नई दिल्ली।दिल्ली क्राइम ब्रांच ने कॉपीराइट उल्लंघन और डिजिटल पायरेसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 5,000 सब्सक्राइबर वाले अवैध आईपीटीवी (IPTV) नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि “ओम आईपीटीवी” नामक सेवा बिना अनुमति के 10,000 से अधिक लाइव टीवी चैनल, फिल्में, प्रीमियम ओटीटी कंटेंट और जियोस्टार सहित अन्य कंटेंट मालिकों की कॉपीराइट सामग्री मात्र 100 रुपये प्रतिमाह में उपलब्ध करा रही थी।मामले की जांच जियोस्टार की शिकायत पर शुरू हुई। इसके बाद 29 मई 2026 को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), कॉपीराइट अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की।जांच के दौरान 12 जून को ओम टीवी से जुड़े अंकित बंसल को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि वह हरियाणा से आईपीटीवी सब्सक्रिप्शन लेकर ग्राहकों तक पहुंचाता था। इसके आधार पर जांच का दायरा बढ़ाते हुए 15 जुलाई को हरियाणा के रेवाड़ी में छापेमारी की गई, जहां से मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कम कीमत पर अवैध सब्सक्रिप्शन बेचकर बड़ा नेटवर्क संचालित कर रहे थे। पुलिस का मानना है कि इस तरह के प्लेटफॉर्म वैध ओटीटी और पे-टीवी सेवाओं को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।क्राइम ब्रांच का कहना है कि कार्रवाई केवल प्लेटफॉर्म संचालकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे वितरण नेटवर्क, पुनर्विक्रेताओं और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल पायरेसी के संगठित कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पूरी सप्लाई चेन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन एमपी विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश, आज होगी एक घंटे चर्चा नामांतरण घोटाले ने खोली सिस्टम की परतें, अब जांच और सुधार दोनों की अग्निपरीक्षा