मंदिरों की दानपेटी तोड़ने वाली गैंग गिरफ्तार, 500 CCTV खंगालकर पुलिस ने खोला राजइंदौर। Indore Police की थाना Chhatripura Police Station पुलिस ने मंदिरों की दानपेटी को निशाना बनाने वाली गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों और उनके दो नाबालिग साथियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 29 हजार रुपये भी जब्त किए हैं।पुलिस के अनुसार 17 मई 2026 को मंदिर की दानपेटी से चोरी की सूचना मिलने पर अपराध क्रमांक 166/26 दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने लगभग 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में थाना छत्रीपुरा और थाना रावजी बाजार क्षेत्र के मंदिरों में चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि वे नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।गिरफ्तार आरोपियों में दिव्यांश थापा और कमलेश प्रजापत शामिल हैं, जबकि दो बाल अपचारी भी पकड़े गए हैं। कार्रवाई में थाना प्रभारी संजीव श्रीवास्तव सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।इंस्टाग्राम लाइव में युवक कर रहा था सुसाइड की कोशिश, पुलिस ने बचाई जानइंदौर। Indore Police की संवेदनशीलता का एक और उदाहरण सामने आया है। थाना छत्रीपुरा पुलिस ने सोशल मीडिया पर आत्महत्या का प्रयास करते युवक को समय रहते बचाकर उसकी काउंसलिंग की।पुलिस को जानकारी मिली थी कि एक युवक इंस्टाग्राम पर गले में फंदा डालकर वीडियो पोस्ट कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त जोन-4 के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर युवक की तलाश शुरू की गई। तकनीकी सहायता और साइबर इनपुट के आधार पर पुलिस ने युवक को सुरक्षित अभिरक्षा में लिया।पूछताछ में युवक ने बताया कि पारिवारिक डांट और मानसिक तनाव के चलते उसने यह कदम उठाने की कोशिश की थी। पुलिस अधिकारियों ने युवक और उसके परिजनों की काउंसलिंग कर जीवन के महत्व को समझाया।पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी तनावपूर्ण स्थिति में आत्मघाती कदम न उठाएं और जरूरत पड़ने पर परिवार, मित्रों या पुलिस से संपर्क करें।12 घंटे में दो नाबालिग बच्चों को ढूंढ लाई पंढरीनाथ पुलिसइंदौर। थाना Pandharinath Police Station पुलिस ने दो लापता नाबालिग बच्चों को मात्र 12 घंटे के भीतर सुरक्षित तलाश कर परिजनों से मिलाया।19 मई 2026 को परिजनों ने बच्चों के घर से बिना बताए चले जाने की सूचना पुलिस को दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।पुलिस टीमों ने होटल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मंदिर और अन्य संभावित स्थानों पर सर्चिंग अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बच्चों की तलाश की गई। बाद में सूचना मिली कि भिक्षावृत्ति उन्मूलन दल द्वारा रेस्क्यू किए गए बच्चों को संरक्षण केंद्र में रखा गया है।पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूरी कर दोनों बच्चों को सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया। बच्चों के मिलने पर परिवार ने इंदौर पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की।अब ड्रोन की नजर में इंदौर का ट्रैफिक, प्रमुख चौराहों पर सख्त निगरानीइंदौर। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए Indore Traffic Police ने ड्रोन सर्विलांस शुरू किया है।पुलिस आयुक्त Santosh Kumar Singh और पुलिस उपायुक्त यातायात Rajesh Kumar Tripathi के निर्देशन में राजवाड़ा, सराफा, पलासिया, विजयनगर, बॉम्बे हॉस्पिटल समेत कई प्रमुख चौराहों और मार्गों पर ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है।जहां कहीं भी यातायात बाधित मिला, वहां तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना देकर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू कराई गई। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से रेड सिग्नल, लेन और स्टॉप लाइन का पालन करने की अपील भी की है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन बहू आत्महत्या मामले में पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत टॉफी वाले पोस्टर पर सियासत गरम, कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना