देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। महाराष्ट्र के नासिक से शुरू हुए कथित पेपर लीक और “गेस पेपर” वायरल होने के मामले ने देखते ही देखते राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा रूप ले लिया। परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते सवाल वायरल होने लगे, जिसके बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली।मामले ने तूल पकड़ा तो विपक्ष ने केंद्र सरकार और National Testing Agency की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। बढ़ते दबाव और देशभर में हो रहे विरोध के बीच सरकार ने NEET-UG 2026 परीक्षा को निरस्त करने का बड़ा फैसला लिया। करीब 22 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा पर उठे सवालों ने देश की परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को कठघरे में खड़ा कर दिया है।एनटीए ने घोषणा की है कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। छात्रों को पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी, हालांकि नई परीक्षा तिथि और एडमिट कार्ड अलग से जारी किए जाएंगे। वहीं पूरे मामले की जांच अब Central Bureau of Investigation को सौंप दी गई है, जो पेपर लीक नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की पड़ताल करेगी।नासिक से उठी यह चिंगारी अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुकी है। सवाल केवल पेपर लीक का नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के सपनों, मेहनत और देश की परीक्षा प्रणाली की साख का भी है। छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का निधन, 38 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस सरकार ने रातोंरात बढ़ाई कस्टम ड्यूटी, सुबह होते ही सोना ₹9200 और चांदी ₹17000 महंगी