भोपाल। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में कुलगुरु नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है। विश्वविद्यालय की कुलगुरु दौड़ में शामिल उच्च शिक्षा विभाग के एक ओएसडी की शैक्षणिक योग्यता, पीएचडी प्रक्रिया और एजीपी मान्यता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।आरोप है कि संबंधित अधिकारी ने गणित विषय में असामान्य रूप से कम समय में पीएचडी पूरी की, जिसकी वैधानिकता पर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 12 अप्रैल 2026 को जांच संबंधी पत्र जारी किया जा चुका है। इससे पूर्व राजभवन सचिवालय भोपाल ने भी नियमानुसार जांच के निर्देश दिए थे।विवाद इस बात को लेकर भी है कि संबंधित अधिकारी की 10 हजार एजीपी (Academic Grade Pay) की पात्रता किन नियमों के तहत स्वीकार की जा रही है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विभागीय स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है और जांच पत्रों की जानकारी तक उचित रूप से सामने नहीं आने दी गई।शिक्षा जगत में यह मामला अब प्रशासनिक पारदर्शिता, नियमों की अनदेखी और उच्च शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। शिक्षाविदों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं होगी, तो संस्थानों की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।अब निगाहें कुलाधिपति और शासन स्तर पर होने वाले आगामी निर्णयों पर टिकी हैं कि नियमों को प्राथमिकता दी जाएगी या विवादों के बीच नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading... Related पोस्ट नेविगेशन जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं: नए कपड़ों की चाह अधूरी रहने पर छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम बुद्ध पूर्णिमा पर देवास में नॉनवेज कारोबार रहेगा बंद, निगम ने जारी किए सख्त निर्देश