प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल एक या दो आपराधिक मामलों के आधार पर किसी व्यक्ति को ‘गुंडा’ घोषित नहीं किया जा सकता।अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को ‘गुंडा’ घोषित करने के लिए उसके खिलाफ लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता और ठोस प्रमाण होना जरूरी है। महज सीमित मामलों के आधार पर ऐसी कठोर कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।हाईकोर्ट के इस फैसले को व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानूनी प्रक्रिया की निष्पक्षता के लिए अहम माना जा रहा है। इससे प्रशासनिक कार्रवाई में मनमानी पर रोक लगेगी और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है, जहां बिना पर्याप्त आधार के लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाती रही है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading... Related पोस्ट नेविगेशन मोहम्मद नवाज का ICC को जवाब: ‘रिक्रिएशनल ड्रग नहीं, दवाई ली थी अवैध क्रय-विक्रय पर कार्रवाई: 23 क्विंटल पीडीएस चावल जब्त, गोदाम पर छापा