डबरा (ग्वालियर जिला)। मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह एवं पुलिस उप महानिरीक्षक मुकेश श्रीवास्तव ने डबरा में औचक निरीक्षण किया। टीम ने शासकीय अस्पताल, उप जेल और ‘अपना घर’ आश्रम का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां पाई गईं, जिस पर अध्यक्ष ने गहरी नाराजगी जताई। शासकीय अस्पताल में निर्माणाधीन नई बिल्डिंग लंबे समय से अधर में लटकी हुई है। अध्यक्ष ने देरी के कारणों की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को तत्काल एसडीएम के माध्यम से प्रस्ताव भेजकर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। अस्पताल परिसर में फैली गंदगी, साफ-सफाई की कमी, बाथरूम-टॉयलेट की दुर्दशा देखकर उन्होंने कहा कि नागरिकों को मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिला एवं शिशु वार्ड का विशेष निरीक्षण करते हुए दवाइयों की उपलब्धता, उपचार व्यवस्था और योजनाओं के तहत मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर जोर दिया। निर्देश दिए गए कि गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित हो और मरीजों को असुविधा न हो। इसके बाद उप जेल का दौरा किया गया। यहां साफ-सफाई की स्थिति का आकलन करने के साथ बंदियों से सीधे बातचीत की गई। इलाज, भोजन और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर चर्चा कर अधिकारियों को हर बंदी के मानवाधिकारों की रक्षा के सख्त निर्देश दिए। ‘अपना घर’ आश्रम की व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए अध्यक्ष ने इसे मानव सेवा का बेहतरीन उदाहरण बताया।एसडीएम रूपेश सिंघई को सभी सार्वजनिक संस्थानों का नियमित निरीक्षण कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव, आयोग मित्र डॉ. दीपक शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।अंत में अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि मानवाधिकारों की रक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ब्राह्मण बनाम ब्राह्मणवाद : हंगामा है क्यों बरपा! कांग्रेस में हड़कंप: उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने पद से दिया इस्तीफा, पारिवारिक कारण बताया