प्रदीप चौधरी। इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में प्लॉट दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। कुछ दिन पहले भागीरथपुरा पुलिस चौकी के बाहर एक युवती द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने के बाद इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। अब तक कुल 9 फरियादी (पीड़ित) सामने आ चुके हैं, जबकि पुलिस ने लगभग 25 लाख रुपए की धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर मुख्य आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया है। (राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी):“यह मामला गंभीर है। हमने आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में और खुलासे हो सकते हैं। पीड़ितों से अपील है कि वे आगे आएं और शिकायत दर्ज कराएं। हम पूरी साजिश का पता लगाएंगे।” मामले की शुरुआत तब हुई जब पेंजन कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय तनीषा ने पुलिस की कथित अनदेखी से आहत होकर भागीरथपुरा पुलिस चौकी के बाहर जहरीला पदार्थ खा लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि तनीषा को सस्ते प्लॉट का लालच देकर ठगा गया था। उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने जमीन दिलाने के नाम पर उससे दो लाख रुपये लिए थे, लेकिन न तो प्लॉट मिला और न ही पैसे वापस किए गए। इस शिकायत के बाद पुलिस ने जांच तेज की, तो सामने आया कि यह मामला अकेला नहीं है। तनीषा के साथ ही 8 अन्य फरियादी भी सामने आए, जिन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने उनसे भी प्लॉट दिलाने के झांसे में मोटी रकम ली, लेकिन कोई प्लॉट नहीं दिया गया। कुल धोखाधड़ी की राशि करीब 25 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मनीष धार गुंडे और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, धारा 420 और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी अवैध कॉलोनी या फर्जी प्लॉट बेचकर लोगों को ठग रहे थे। मामले की जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन पुलिस कमिश्नरेट का विशेष अभियान, अपराधियों पर कड़ा प्रहार; 180 शराबी ड्राइवर, 162+ वारंट तामील इंदौर पुलिस के एक और भ्रष्ट पुलिसकर्मी का गिरा पर्दाफाश, प्रधान आरक्षक को सेवा से बर्खास्त किया गया