एक गिरफ्तार, अन्य अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर सफलता के साथ उठे सवाल, कार्रवाई खानापूर्ति तो नहीं?इंदौर, 11 जनवरी 2026 – आज़ाद नगर थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रहे सट्टा रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मुख्य संचालक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी मोइन पुत्र रईस को कई वर्षों से क्षेत्र के युवकों को अधिक मुनाफे का लालच देकर उनकी पूंजी हड़पने के आरोप में पकड़ा गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मोइन ने कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की है और ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से सट्टेबाजी को बढ़ावा दिया।पुलिस की इस कार्रवाई को शुरुआती सफलता माना जा रहा है, लेकिन पूरे मामले में कई गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य—जिनमें रईस, सलमान, रफीक नाना, साजिद सहित कई नाम शामिल हैं—अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। ये लोग क्षेत्र में खुलेआम घूमते दिखाई देते रहे हैं। ऐसे में यह सवाल लाजिमी है कि क्या यह कार्रवाई महज एक व्यक्ति तक सीमित खानापूर्ति है या फिर पुलिस पूरे नेटवर्क को खत्म करने की ठोस मंशा रखती है?मोइन की गिरफ्तारी के तुरंत बाद आज़ाद नगर थाना परिसर में उसे जमानत पर छुड़वाने के लिए दलालों की सक्रियता देखी गई। हमारे संवाददाता के अनुसार, थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में इन दलालों की गतिविधियां कैद हुई हैं, जहां वे पुलिसकर्मियों से तालमेल बैठाने की कोशिश करते नजर आए। यह घटना पुलिस व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगाती है।अभी तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आरोपी मोइन पर केवल सट्टा एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। जबकि पिछले इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार आरोपियों पर धोखाधड़ी की गंभीर धाराएं जैसे बीएनएस की धारा 318 (पूर्व में आईपीसी 420) लगाई जा चुकी हैं। धाराओं के चयन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसमें जानबूझकर नरमी बरती गई है?गौरतलब है कि आज़ाद नगर क्षेत्र में ऑनलाइन कैसीनो और गेमिंग ऐप के जरिए सट्टेबाजी चलाने वाले इन लोगों के खिलाफ थाने में दर्जनों शिकायतें पहले से मौजूद हैं। हमारे माध्यम से भी पूर्व में इस तरह के कई समाचार प्रकाशित हो चुके हैं।जब इस पूरे प्रकरण पर आज़ाद नगर थाना प्रभारी से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने बड़े चैनलों और प्रमुख समाचार पत्रों को प्राथमिकता देते हुए किसी भी जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया।अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस क्या केवल एक गिरफ्तारी पर ही रुक जाएगी या फिर पूरे ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए बाकी आरोपियों तक भी पहुंचेगी। युवाओं की जेब काटने वाले इस गिरोह के खिलाफ सख्त और पारदर्शी कार्रवाई की जरूरत है, ताकि क्षेत्र में कानून का राज कायम हो सके। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन प. बंगाल : घुसपैठ का मुद्दा और वोट बैंक बनाने की रणनीति सितलहा सरपंच के द्वारा धार्मिक कार्यों के लिए आवंटित जमीन में अनाधिकृत रूप से निर्माण करवाने पर मुस्लिम समुदाय के लोगो और सामाजिक कार्यकर्ताओ ने जवा तहसीलदार और थाना जवा में की शिकायत