इंदौर, प्रदीप चौधरी। 04 जनवरी 2026। शहर के भागीरथपुरा इलाके में पिछले दिनों हुए दूषित पानी संकट के बाद अब सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए व्यापक क्लोरिनेशन, फ्लशिंग तथा अन्य शुद्धिकरण उपायों का असर दिखाई देने लगा है।भागीरथपुरा क्षेत्र से लिए गए 5 जल सैंपल्स की उन्नत RT-PCR जांच में ई.कोलाई (O157 एवं जेनेरिक), वाइब्रियो कॉलेरा, साल्मोनेला, रोटावायरस तथा एंटरोवायरस सभी नेगेटिव पाए गए हैं। यह रिपोर्ट क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि पिछले सप्ताह इस इलाके में दूषित नर्मदा जल सप्लाई के कारण सैकड़ों लोग दस्त-उल्टी जैसी बीमारियों से प्रभावित हुए थे और कई मौतें भी रिपोर्ट हुई थीं।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पाइपलाइन में हुए लीकेज को ठीक करने के बाद निरंतर क्लोरिनेशन और लाइन की सफाई अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, पूर्ण एहतियात बरतते हुए सभी क्षेत्रवासियों से अनुरोध किया गया है कि पीने के पानी को उबालकर ही इस्तेमाल करें।नगर निगम आयुक्त ने कहा, “हमारी टीम दिन-रात काम कर रही है। नेगेटिव रिपोर्ट्स से उम्मीद जगी है, लेकिन हम कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पानी की सप्लाई जारी रहेगी और नियमित जांच होती रहेगी।”स्थानीय निवासी इस विकास से कुछ राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन कई लोग अभी भी बोतलबंद पानी या उबले पानी पर निर्भर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।यह जांच परिणाम उस बड़े संकट के बाद आया है, जिसमें दूषित पानी के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए थे। अब उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन दूषित पानी कांड: कोलकाता से वैज्ञानिक टीम देर रात MY अस्पताल पहुंची, भागीरथपुरा में जुटाई जानकारी लखनऊ: “मैं जांच में सहयोग करने आई थी, मुझे गिरफ्तार नहीं किया गया” – नेहा सिंह राठौर