इंदौर, प्रदीप चौधरी।। 1 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा इंदौर-1 विधानसभा क्षेत्र के विधायक कैलाश विजयवर्गीय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार अनुराग द्वारी के साथ बातचीत के दौरान अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। यह घटना इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल संकट से जुड़ी है, जहां दूषित पानी पीने से कम से कम 7 से 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,100 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से सैकड़ों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। View this post on Instagram View this post on Instagram घटना का विवरण भागीरथपुरा क्षेत्र में मुख्य जल आपूर्ति पाइपलाइन में लीकेज होने और उसके ऊपर शौचालय बनने के कारण पानी दूषित हो गया। इस संकट पर जब एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार अनुराग द्वारी ने मंत्री विजयवर्गीय से सवाल किया कि जूनियर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है, लेकिन वरिष्ठ नेताओं की जवाबदेही पर चर्चा क्यों नहीं हो रही, तो मंत्री भड़क उठे। उन्होंने पत्रकार को “फोकट सवाल मत पूछो” कहते हुए “घंटा” जैसे अपशब्दों का इस्तेमाल किया। View this post on Instagram वीडियो में मंत्री का गुस्से में जवाब देते हुए दिखना और “घंटा होकर आए हो क्या?” जैसे शब्दों का प्रयोग विवाद का कारण बना। अनुराग द्वारी ने तुरंत जवाब देते हुए मंत्री को शब्दों की गरिमा बनाए रखने की याद दिलाई। इस वीडियो को एनडीटीवी के अनुराग द्वारी ने अपने एक्स अकाउंट पर साझा किया, जिसे लाखों लोगों ने देखा और शेयर किया। मंत्री की प्रतिक्रिया और माफी घटना के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर माफी मांगी। उन्होंने लिखा: “मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए, इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूँ। लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूंगा।” मंत्री ने दावा किया कि वे प्रभावित क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं, चार एंबुलेंस और मेडिकल टीम तैनात की गई हैं, तथा इलाज का पूरा खर्च सरकार उठा रही है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का वादा भी किया, जिसमें एक अधिकारी को बर्खास्त और दो को निलंबित किया गया है। राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया विपक्षी दलों ने इस घटना को सत्ता के नशे का प्रतीक बताया और इस्तीफे की मांग की। सोशल मीडिया पर अनुराग द्वारी की निडर पत्रकारिता की जमकर तारीफ हो रही है, कई यूजर्स ने इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना। इंदौर, जो लगातार स्वच्छ सर्वेक्षण में देश का सबसे साफ शहर चुना जाता रहा है, इस घटना से चर्चा में आया, जहां स्वच्छता के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना एक बार फिर सत्ता और मीडिया के बीच तनाव को उजागर करती है, खासकर तब जब जनता की बुनियादी समस्याओं जैसे साफ पानी पर सवाल उठाए जाते हैं। प्रशासन ने जांच समिति गठित की है और स्थिति सुधारने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन पीड़ित परिवारों में गुस्सा और दुख बना हुआ है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन महिलाओं के कपड़े चोरी करने वाला युवक गिरफ्तार, घर में चोरी के अंडरगारमेंट पहनकर सोता मिला भागीरथपुरा दूषित पानी कांड अब हाई कोर्ट में (अपडेट: 1 जनवरी 2026)