सिंगरौली, 13 दिसंबर 2025: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में धीरौली कोल ब्लॉक के लिए हजारों एकड़ जंगल काटे जाने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अडाणी ग्रुप से जुड़े इस प्रोजेक्ट पर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए इसे ‘पर्यावरणीय त्रासदी’ और ‘आदिवासी अधिकारों का हनन’ बताया। 10 दिसंबर को एआईसीसी की फैक्ट-फाइंडिंग टीम जब जंगल का जायजा लेने पहुंची, तो भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “यह अदाणी देश बन गया है, यहां आने के लिए वीजा लगेगा।” पुलिस ने रोका रास्ता, उमंग सिंघार बाइक से जंगल में घुसे एआईसीसी द्वारा गठित 12 सदस्यीय टीम में जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री अजय सिंह, जयवर्धन सिंह, विक्रांत भूरिया सहित अन्य नेता शामिल थे। बेरदहा कोल ब्लॉक की ओर जाते समय लगभग 800 पुलिसकर्मियों ने बैरिकेडिंग लगा दी। विरोध में नेताओं ने सड़क पर धरना दे दिया। एक घंटे की नोकझोंक के बाद केवल पांच नेताओं को सशर्त अनुमति मिली। इस दौरान उमंग सिंघार और विक्रांत भूरिया मोटरसाइकिल से वैकल्पिक रास्ते से जंगल पहुंच गए और प्रभावित आदिवासियों से मुलाकात की। उमंग सिंघार का भावुक बयान: ‘पेड़ पूर्वजों की सांसें, आदिवासी अस्मिता पर छुरा’ उमंग सिंघार ने कटाई को ‘राज्य-प्रायोजित वनसंहार’ बताया। उन्होंने कहा, “ये पेड़ हमारे पूर्वजों की सांसें हैं, बच्चों का भविष्य हैं। हजारों पेड़ों पर नंबर लगे हैं, जैसे मौत का इंतजार कर रहे हों। आदिवासी जमीनें जबरन छीनी जा रही हैं, विरोध करने वालों को धमकाया जा रहा है।” सिंघार ने पेसा एक्ट और वन अधिकार कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया। अदाणी कनेक्शन और पर्यावरण संकट धीरौली कोल ब्लॉक अडाणी ग्रुप की सहयोगी कंपनी को आवंटित है। कांग्रेस का दावा है कि 10 हजार एकड़ से अधिक जंगल नष्ट हो रहा है, लाखों पेड़ काटे जा चुके हैं। सिंगरौली पहले से ही प्रदूषण से जूझ रहा है, जहां AQI खतरनाक स्तर पर रहता है। विधानसभा में भी यह मुद्दा गूंजा, जहां कांग्रेस ने वॉकआउट किया। प्रशासन का कहना है कि कटाई कानूनी है और भरपाई अन्य जिलों में की जा रही है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि आंदोलन तेज होगा। पार्टी फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट जल्द जारी करेगी। आदिवासी संगठन भी सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। यह विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है, जहां पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों की रक्षा की मांग जोर पकड़ रही है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन वर्दी पर दाग नहीं लगने दें: मध्य प्रदेश पुलिस की छवि सुधार की पुकार इंदौर पुलिस ने आयोजित किया निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर