छत्तीसगढ़ किसान सभा (CGKS)(अ. भा. किसान सभा – AIKS से संबद्ध)जिला समिति कोरबा, छत्तीसगढ़ गेवरा (कोरबा)। गेवरा क्षेत्र में बिना मुआवजा और पुनर्वास के खनन विस्तार के खिलाफ छत्तीसगढ़ किसान सभा के बैनर पर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे खनन प्रभावित गांवों के भूविस्थापितों और अन्य ग्रामीणों पर आज एसईसीएल-नियंत्रित सीआईएसएफ ने उस समय लाठीचार्ज कर दिया, जब आंदोलनकारियों को एसईसीएल के अधिकारी वार्ता के लिए बुला रहे थे। छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू सहित रमेश दास, बिमल दास, गुलाब आदि ग्रामीणों और किसान सभा कार्यकर्ताओं को गंभीर चोट आई हैं, जिन्हें बाद में पुलिस ने मुलाहिजा के लिए अस्पताल भिजवा दिया है। उल्लेखनीय है कि एसईसीएल प्रबंधन गेवरा खदान क्षेत्र के विस्तार की कई दिनों से कोशिश कर रहा है, जिसका अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा कड़ा विरोध कर रही है। किसान सभा खनन विस्तार से पहले सभी भूविस्थापितों के लंबित रोजगार प्रकरणों का निराकरण करने, भूविस्थापितों के पुनर्वास और मुआवजे संबंधी मांगों को सुलझाने और खनन विस्तार से प्रभावित होने वाले सभी ग्रामीणों को विस्थापन से पहले पुनर्वास, मुआवजे और रोजगार का अधिकार देने की मांगों पर अड़ा हुआ है। इन मांगों को ग्रामीणों का व्यापक समर्थन मिल रहा है और किसान सभा और ग्रामीणों के आंदोलन के कारण खनन विस्तार का काम रुका हुआ है। View this post on Instagram आज सुबह से ही पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सैकड़ों भूविस्थापित अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे और आंदोलनकारी नेताओं को एसईसीएल प्रबंधन द्वारा वार्ता के लिए बुलावा भी भेजा जा चुका था। बताया जाता है कि इसी बीच सीआईएसएफ के एक अधिकारी ने भूविस्थापितों को गालियां दे दी, जिसके बाद आंदोलनकारी उस अधिकारी पर भड़क उठे और इससे चिढ़कर उसने आंदोलनकारियों को उनकी औकात बताने के लिए लाठीचार्ज का आदेश दे दिया। इस लाठीचार्ज से कई लोग घायल हो गए और कुछ प्रदर्शनकारियों को सीआईएसएफ ने अपनी हिरासत में ले लिया। इससे भड़के आंदोलनकारियों ने एकजुट होकर सीआईएसएफ का घेराव कर दिया, जिसके बाद वे हिरासतियों को छोड़कर भाग गए। इसके बाद सभी आंदोलनकारी किसान सभा के नेतृत्व में दीपका थाना पहुंच गए और मारपीट और लाठीचार्ज का आदेश देने वाले सीआईएसएफ पर अपराध दर्ज करने की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने सभी घायलों को मुलाहिजा के लिए अस्पताल भिजवा दिया है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष संजय पराते और संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने इस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है और आरोप लगाया है कि यह लाठीचार्ज एसईसीएल के महाप्रबंधक त्यागी के इशारे पर किया गया है। उन्होंने कहा है कि इस दमन का जवाब संघर्ष और आंदोलन को और तेज करके दिया जायेगा और लंबित रोजगार प्रकरणों के निराकरण, छोटे खातेदारों को रोजगार और बसावट की समस्या का समाधान किये बिना, बंदूक और लाठी के दम पर किसी भी हालत में खदान का विस्तार नहीं होने दिया जायेगा। किसान सभा ने कहा है कि समस्याओं की ओर कई बार प्रबंधन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन ग्रामीणों की इन समस्याओं के निराकरण के प्रति प्रबंधन गंभीर नहीं है। ऐसी हालत में आंदोलन तेज करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। भूविस्थापित बेरोजगार एकता संघ ने भी खनन प्रभावित ग्रामीणों पर लाठीचार्ज की निंदा की है और ग्रामीणों के आंदोलनों में शामिल होने की घोषणा की है। प्रशांत झासंयुक्त सचिव, छग किसान सभा(मो) 76940-98022 Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन राजशाही नहीं,लोकतंत्र चाहिए इंदौर पुलिस ने मोहल्ला समिति बैठकों से नागरिकों के साथ किया सीधा संवाद, सुरक्षित समाज के लिए मांगा सहयोग