जबलपुर, 18 अक्टूबर 2025: विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, जबलपुर, मनीष सिंह ठाकुर की अदालत में जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. संजय मिश्रा और स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की सुनवाई हुई। पत्रकार और समाजसेवी विनय जी. डेविड द्वारा दायर आपराधिक मुकदमे (यूएनसीआर संख्या 4009/2025) में आरोप लगाया गया है कि डॉ. मिश्रा ने कोषालय प्रणाली (आईएफएमआईएस सॉफ्टवेयर) में फर्जी प्रविष्टियां दर्ज कीं, सेवा पुस्तिका के दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर कूटरचना की, और अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी लैब से प्राप्त आय से अपनी दूसरी पत्नी के नाम पर संपत्ति खरीदी। इसके अलावा, जांच के दौरान तथ्यों को छुपाने और गलत साक्ष्य प्रस्तुत करने का भी उन पर आरोप है। View this post on Instagram परिवादी के अधिवक्ता आर.एन. तिवारी ने कोर्ट को बताया कि 22 मई 2024 को लोकायुक्त, जबलपुर में डॉ. मिश्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी। लोकायुक्त ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी ने कथित तौर पर डॉ. मिश्रा के साथ मिलीभगत कर जांच को दबाने का प्रयास किया। डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी प्रारंभिक जांच पूरी नहीं हुई, जिसके चलते कोई निर्णायक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं हो सकी। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि राठी ने डॉ. मिश्रा को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए जानबूझकर निष्क्रियता दिखाई। न्यायालय ने परिवादी की दलीलों और सबूतों के अवलोकन के बाद आदेश दिया कि लोकायुक्त, जबलपुर से इस मामले में की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन मांगा जाए। साथ ही, डॉ. संजय मिश्रा और तरुण राठी से उनके प्राख्यान कथन और लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव से जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया। कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्यवाही की मांग पर विचार करने से पहले सभी पक्षों से तथ्यों की जांच को जरूरी बताया। अगली सुनवाई 3 दिसंबर 2025 को निर्धारित की गई है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नागरिक परिक्रमा(संजय पराते की राजनैतिक टिप्पणियां) किसान हमारी अर्थव्यवस्था की हैं रीढ़: मुख्यमंत्री