इंदौर, 16 अक्टूबर 2025: महिला अपराधों की रोकथाम, उनकी सुरक्षा और बाल अपराध निवारण व संरक्षण के उद्देश्य से इंदौर पुलिस ने पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला रीगल चौराहे स्थित रानी सराय पुलिस कार्यालय के मीटिंग हॉल में हुई, जिसमें महिला बाल विकास, बाल श्रम विभाग, चाइल्ड वेलफेयर समिति और विशेष बाल किशोर इकाई के सहयोग से विभिन्न थानों के ऊर्जा डेस्क प्रभारी, बाल कल्याण अधिकारी और पुलिस अधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) अमित सिंह, एडीजे श्रीमती नौशीन खान, पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) प्रकाश परिहार, चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के अध्यक्ष धर्मेंद्र पंड्या, सहायक श्रम आयुक्त श्रीमती मेघना भट्ट, जेजे बोर्ड के सदस्य मनीष दुबे, DALSA की मुख्य अधिवक्ता सुश्री एकता शर्मा, आरंभ संस्था की श्रीमती अर्चना सहाय और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा शाखा) सुश्री संध्या राय सहित अन्य अधिकारी और प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। बाल संरक्षण और कानूनी प्रावधानों पर जोरअतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) सुश्री संध्या राय ने कार्यशाला की शुरुआत में इसके उद्देश्य और रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों के हित में कार्यरत संस्थाओं और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अमित सिंह ने कहा कि समाज में बढ़ती विकृतियों का असर बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों के संरक्षण और उनके हितों की रक्षा हमारा नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम (जे.जे. एक्ट) और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। कानूनी सहायता और जागरूकता पर चर्चाएडीजे श्रीमती नौशीन खान ने पीड़ित बच्चों के लिए विधिक प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध सहायता और राहत के बारे में बताया। उन्होंने पॉक्सो एक्ट और जे.जे. एक्ट के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर चर्चा की। अन्य अतिथियों ने बाल अपराध निवारण और संरक्षण के लिए कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों को अपराध से बचाने और उनके साथ होने वाले अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए पारिवारिक माहौल प्रदान करना, उनकी समस्याओं को सुनना और समझना आवश्यक है। प्रशिक्षणार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधानकार्यशाला में प्रशिक्षणार्थियों ने बाल अपराध निवारण और संरक्षण के दौरान दैनिक कार्यों में आने वाली विधिक समस्याओं पर चर्चा की और उपस्थित अतिथियों से समाधान प्राप्त किए। शासन की विभिन्न योजनाओं, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित प्रावधानों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। यह कार्यशाला महिला और बाल सुरक्षा के प्रति इंदौर पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो समाज में जागरूकता और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन गुजरात में बड़ी सियासी हलचल: सीएम भूपेंद्र पटेल को छोड़कर सभी 16 मंत्रियों ने दिया इस्तीफा इंदौर के राजवाड़ा में हंगामे का वीडियो वायरल, पुलिस ने तीन आरोपियों को धर-दबोचा