भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा निर्मित एक ब्रिज के धंसने की घटना ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा सोमवार दोपहर 12 से 1 बजे के बीच गुप्ता बायपास पर हुआ, जो इंदौर, होशंगाबाद, जबलपुर, जयपुर, मंडला और सागर जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है। घटना थाना सुखी सेवनिया के अंतर्गत बिलखिरिया से कल्याणपुर की ओर जाने वाले रेलवे ब्रिज से मात्र 100 मीटर आगे हुई। बताया जा रहा है कि मंडीदीप से ईट खेड़ी की ओर जाने वाले इस ब्रिज का करीब 20 फीट हिस्सा अचानक धंस गया। गनीमत रही कि उस समय ब्रिज पर कोई वाहन या व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसके चलते कोई जनहानि नहीं हुई। यह घटना मध्य प्रदेश में लोक निर्माण विभाग और NHAI के डिज़ाइन और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में भ्रष्टाचार और लापरवाही का नमूना है। इस हादसे ने एक बार फिर सरकारी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को तेज कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही, NHAI के अधिकारियों से इस मामले में जवाब मांगा गया है। यह घटना न केवल तकनीकी खामियों को उजागर करती है, बल्कि जनता के बीच अविश्वास को भी बढ़ावा दे रही है। View this post on Instagram भोपाल: ईस्टर्न बायपास के सूखी सेवनिया आरओबी पर सड़क धंसी, MPRDC ने गठित किया जांच दल भोपाल: भोपाल ईस्टर्न बायपास पर स्थित सूखी सेवनिया रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) की एक तरफ की रिटेनिंग वॉल (आर-ई वॉल) क्षतिग्रस्त होने के कारण सड़क का एक हिस्सा धंस गया। यह घटना स्टेट हाईवे के अंतर्गत हुई, लेकिन गनीमत रही कि इसमें किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई। घटना की सूचना मिलते ही मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के लिए क्षतिग्रस्त क्षेत्र को बैरिकेड्स से घेर लिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। MPRDC ने सड़क धंसने के कारणों की जांच शुरू कर दी है और मरम्मत कार्य भी तत्काल प्रभाव से प्रारंभ कर दिया गया है। MPRDC के अनुसार, यह सड़क वर्ष 2013 में मेसर्स ट्रॉन्सट्राय प्रा. लि. द्वारा बीओटी मॉडल के तहत बनाई गई थी। अनुबंध शर्तों का पालन न करने के कारण कंपनी का अनुबंध 2020 में निरस्त कर दिया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए MPRDC ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक जांच दल गठित किया है, जिसमें मुख्य अभियंता बी.एस. मीणा, महाप्रबंधक मनोज गुप्ता और महाप्रबंधक आर.एस. चंदेल शामिल हैं। यह दल आर-ई वॉल के धंसने के तकनीकी कारणों की जांच कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा। MPRDC के प्रबंध संचालक भरत यादव ने कहा, “मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।” यह घटना एक बार फिर सड़क निर्माण में गुणवत्ता और जवाबदेही के मुद्दों को उजागर करती है। प्रशासन और MPRDC ने जनता को आश्वासन दिया है कि स्थिति नियंत्रण में है और मरम्मत कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन राजनैतिक व्यंग्य-समागम इंदौर: फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिला से 10 लाख की ठगी