रीवा, 10 अक्टूबर 2025: रीवा जिले में भ्रष्टाचार का ग्रहण लगातार बना हुआ है। सरकारी कार्यालयों में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं हो रहा, और लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाइयों के बावजूद रिश्वतखोर सुधरने का नाम नहीं ले रहे। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री कार्यालय से एक और मामला सामने आया है, जहां लोकायुक्त पुलिस ने दो रिश्वतखोरों को रंगे हाथों पकड़ लिया। शिकायतकर्ता लकी दुबे (25 वर्ष), पुत्र दिनेश दुबे, निवासी जिला सीधी (मध्य प्रदेश) ने 8 अक्टूबर 2025 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्होंने शहर में तीन सोलर पैनल लगवाए थे, जिसके लिए मीटर कन्वर्जन की फाइल में हस्ताक्षर के एवज में आरोपी प्रति फाइल 6,000 रुपये की मांग कर रहे थे। कुल तीन फाइलों के लिए 18,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलते ही लोकायुक्त संभाग रीवा के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार ने सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी पक्ष ने शिकायतकर्ता से फिर वही मांग दोहराई। इसके बाद 9 अक्टूबर 2025 को एसपी के निर्देश पर ट्रैप टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी किशोर त्रिपाठी (कनिष्ठ यंत्री, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, शहर संभाग रीवा) और प्रमोद द्विवेदी (34 वर्ष, पुत्र शिवकांत द्विवेदी, प्राइवेट कर्मचारी-सोलर, निवासी निराला नगर रीवा) को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। इस सफल ट्रैप कार्यवाही में ट्रैपकर्ता उपेंद्र दुबे (निरीक्षक), ट्रैप दल सदस्य संदीप सिंह भदौरिया (निरीक्षक), प्रधान आरक्षक सुरेश कुमार, मुकेश मिश्रा, शिवलाल प्रजापति, पवन पांडेय, आर. लवलेश पांडेय, मनोज मिश्रा और जितेंद्र सिंह का सराहनीय योगदान रहा। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, लेकिन जिले में रिश्वत की जड़ें गहरी होने से अब भी कई चुनौतियां बाकी हैं। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर पुलिस की मुस्तैदी और ऑटो चालक की ईमानदारी ने लौटाई राजगढ़ निवासी की खोई मुस्कान मालवा मिल पाटनीपुरा पुल पर डामरीकरण पूरा, जलभराव और धूल की समस्या खत्म