इंदौर में मालवा मिल से रसोमा चौराहा तक प्रस्तावित फ्लाईओवर ब्रिज के लिए फिजिबिलिटी सर्वे पूरा हो चुका है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा कराए गए इस सर्वे की रिपोर्ट अब नगर निगम को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर यह निर्णय लिया जाएगा कि इस मार्ग पर फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण होगा या नहीं। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के मध्य क्षेत्र से विजय नगर की ओर यातायात को सुगम बनाना है, जिसे जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित किया गया था। हालांकि, इस प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय क्षेत्रवासियों और व्यापारियों में चिंता देखी जा रही है। View this post on Instagram मुख्य बिंदु: सर्वे का उद्देश्य: मालवा मिल से पाटनीपुरा चौराहा होते हुए रसोमा चौराहा तक लगभग 3-4 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर की संभावनाओं का आकलन। यह फ्लाईओवर यातायात की भीड़ को कम करने और यात्रा समय को 20 मिनट से घटाकर 4-5 मिनट करने के लिए प्रस्तावित है। सर्वे की प्रगति: इंदौर विकास प्राधिकरण ने कंसल्टेंट नियुक्त कर फिजिबिलिटी सर्वे पूरा किया है। अब यह रिपोर्ट नगर निगम को सौंपी जाएगी, जिसके बाद बोर्ड की सहमति से निर्माण का अंतिम फैसला लिया जाएगा। यातायात सुगमता: इस फ्लाईओवर के बनने से मध्य क्षेत्र (राजबाड़ा, एमजी रोड) से विजय नगर, मरीमाता, और जेल रोड की ओर जाने वाले ट्रैफिक को राहत मिलेगी। साथ ही, बीआरटीएस मार्ग पर भी ट्रैफिक का दबाव कम होगा। क्षेत्रवासियों और व्यापारियों की चिंता: स्थानीय व्यापारियों को डर है कि फ्लाईओवर के निर्माण से उनकी दुकानों और व्यवसायों पर असर पड़ सकता है। कुछ का मानना है कि निर्माण के दौरान अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण से उनके व्यापार प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा, क्षेत्रवासियों को निर्माण के दौरान अस्थायी असुविधाओं की चिंता है। जनप्रतिनिधियों की भूमिका: इस परियोजना को जनप्रतिनिधियों ने यातायात की समस्या को देखते हुए प्रस्तावित किया था, जिसे शहर के विकास और आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लाभ: मालवा मिल से रसोमा चौराहा तक का सफर तेज और सुगम होगा। मध्य क्षेत्र से विजय नगर और अन्य क्षेत्रों में यातायात जाम की समस्या कम होगी। बीआरटीएस और रिंग रोड पर ट्रैफिक लोड में कमी आएगी। चुनौतियां: व्यापारियों और क्षेत्रवासियों की चिंताओं को दूर करने के लिए पारदर्शी संवाद और वैकल्पिक व्यवस्थाओं की आवश्यकता। निर्माण के दौरान अस्थायी यातायात व्यवधान और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया। परियोजना की लागत और समयसीमा का प्रबंधन। आगे की प्रक्रिया:सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम और इंदौर विकास प्राधिकरण के बोर्ड द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि मंजूरी मिलती है, तो टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण कार्य के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किए जाएंगे। यह परियोजना इंदौर के यातायात को और सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है, बशर्ते स्थानीय समुदाय की चिंताओं को ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार की जाए। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन जवा में तहसील स्तरीय व्यापारियों का महाकुंभ एवं सम्मान समारोह हुआ सम्पन्न राजनैतिक व्यंग्य समागम