इंदौर: प्रदीप चौधरी। View this post on Instagram इंदौर के श्रीनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में तीन दिन पहले एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक कॉलेज छात्रा, जो अपनी परीक्षा देने जा रही थी, पर चार आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। कुत्तों ने छात्रा को नीचे गिराकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। घायल छात्रा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। View this post on Instagram घटना का विवरणघटना के अनुसार, छात्रा श्रीनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में सड़क पर जा रही थी, तभी अचानक चार कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने उसे घेर लिया और उसे नीचे गिराकर काटना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और छात्रा को बचाया। सीसीटीवी फुटेज में इस हमले की भयावहता साफ दिखाई दे रही है, जिसने इलाके में दहशत फैला दी है।इलाज और जिम्मेदारी का सवालछात्रा को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। हालांकि, सवाल उठता है कि इस तरह की घटनाओं में घायल व्यक्ति के इलाज की जिम्मेदारी कौन लेगा? कई लोग इस घटना के लिए स्थानीय प्रशासन और नगर निगम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, क्योंकि आवारा कुत्तों की समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आपके सवाल के संदर्भ में, क्या एनजीओ (NGO) इस तरह के मामलों में इलाज की जिम्मेदारी लेते हैं? आम तौर पर, एनजीओ (जो पशु कल्याण से जुड़े होते हैं) का मुख्य उद्देश्य आवारा जानवरों की देखभाल, नसबंदी, और टीकाकरण जैसे कार्यक्रमों को लागू करना होता है। कुछ एनजीओ घायल जानवरों के इलाज में मदद करते हैं, लेकिन मानव पीड़ितों के इलाज की जिम्मेदारी सामान्य रूप से प्रशासन, स्थानीय निकाय, या पीड़ित के परिवार पर आती है। इस मामले में, कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है कि किसी एनजीओ ने छात्रा के इलाज की जिम्मेदारी ली है या नहीं। जिम्मेदारी कौन तय करेगा?जिम्मेदारी तय करने का अधिकार स्थानीय प्रशासन, पुलिस, और संबंधित सरकारी विभागों के पास होता है। आवारा कुत्तों की समस्या को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम और पशु कल्याण संगठनों को मिलकर काम करना होता है। भारत में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960) और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के तहत आवारा कुत्तों को मारना गैरकानूनी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर कुत्ते मानव जीवन के लिए खतरा बनते हैं, तो उनकी आबादी को नियंत्रित करने के लिए उचित कदम (जैसे नसबंदी और टीकाकरण) उठाए जाने चाहिए।इस मामले में, स्थानीय प्रशासन को जांच कर यह तय करना होगा कि कुत्तों के हमले की वजह क्या थी—क्या कुत्ते रैबीज से ग्रस्त थे, या उनकी आबादी अनियंत्रित हो गई है? यदि जांच में पाया जाता है कि स्थानीय निकाय या एनजीओ ने अपनी जिम्मेदारी (जैसे नसबंदी या टीकाकरण) ठीक से नहीं निभाई, तो उन्हें जवाबदेह ठहराया जा सकता है। एनजीओ की भूमिका और विवादआपके द्वारा उठाए गए बिंदु के अनुसार, कुछ एनजीओ आवारा कुत्तों को मारने के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करते हैं और पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हैं। यह उनकी पशु कल्याण की जिम्मेदारी का हिस्सा है। हालांकि, जब ऐसी घटनाएं होती हैं, जहां कुत्ते इंसानों पर हमला करते हैं, तो एनजीओ की चुप्पी या निष्क्रियता पर सवाल उठते हैं। यह एक जटिल मुद्दा है, क्योंकि एनजीओ का ध्यान पशुओं की सुरक्षा पर होता है, जबकि मानव सुरक्षा के लिए प्रशासन जिम्मेदार होता है। दोनों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।प्रशासन की प्रतिक्रियाअन्य समान घटनाओं के आधार पर, जैसे शाजापुर और छतरपुर में हुए कुत्तों के हमले, स्थानीय प्रशासन ने नसबंदी अभियान और आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए टीमें गठित की थीं। इंदौर में भी नगर निगम को इस घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए,जैसे– आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण को तेज करना।– खतरनाक कुत्तों को पकड़कर पुनर्वास केंद्रों में रखना।– जन जागरूकता अभियान चलाना।यह घटना श्रीनगर एक्सटेंशन के लिए एक गंभीर चेतावनी है। छात्रा के इलाज की जिम्मेदारी फिलहाल उसके परिवार और स्थानीय अस्पताल पर है, लेकिन इस तरह की घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी नगर निगम और प्रशासन की है। एनजीओ की भूमिका सहायक हो सकती है, लेकिन वे अकेले इलाज की जिम्मेदारी लेने के लिए बाध्य नहीं हैं। इस मामले में जवाबदेही तय करने के लिए पुलिस और प्रशासन को जांच करनी होगी। लोगों में बढ़ते गुस्से और दहशत को देखते हुए, प्रशासन को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मध्यप्रदेश में आप देगी एक मजबूत ईमानदार तीसरा विकल्प पुष्प वर्षा से कावड़ यात्रा का भव्य स्वागत